विशेषज्ञों की सलाह
एसएन मेडिकल कॉलेज की कैंसर रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. सुरभि गुप्ता ने बताया कि संक्रमण से ठीक होने के बाद लोगों में तमाम समस्याएं आ रही हैं। इनमें थकान, सांस फूलना, चक्कर आना, भूख न लगना, खाने में स्वाद न आना, गंध न आना आदि हैं। इस तरह की समस्याएं ठीक होने के बाद 12 हफ्ते तक रह सकती हैं। यह अपने आप ठीक हो जाती हैं।
इस अवधि में संतुलित भोजन लें। सेहत का ध्यान रखें। निश्चित अवधि के बाद भी समस्या ठीक न होने पर चिकित्सक के परामर्श से इलाज कराएं। कोरोना से ठीक होने के तीन माह वैक्सीन जरूर लगवाएं। तंबाकू का सेवन न करें। ऐसे लोग संक्रमित होने पर गंभीर स्थिति में पहुंच जाते हैं। धूम्रपान से फेफड़े खराब हो जाते हैं। इसमें मौत का खतरा भी रहता है। रिकवरी भी कम होती है।
परिवार के साथ रिश्ते मजबूत रखें
लेडी लॉयल, जिला महिला चिकित्सालय की काउंसलर रूबी बघेल ने तनाव प्रबंधन का तरीका बताया। उन्होंने कहा कि संक्रमित होने पर या उसके बाद लोग तनावग्रस्त हो रहे हैं। ऐसे में परिवार के साथ जरूरी है। रिश्तों को मजबूत रखें, तनाव दूर हो जाएगा। एक-दूसरे की भावनाओं को समझें। नकारात्मक बातों पर ध्यान न दें।
खानपान का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। सकारात्मक सोच रखने वालों से संपर्क रखें। खुद को तनाव मुक्त रखने के लिए बागवानी कर सकते हैं। बच्चों के साथ खेल सकते हैं। टीवी पर कॉमेडी कार्यक्रम, चैनल देखें। पसंदीदा किताबे पढ़े। घर में रहते हुए रूटीन का ध्यान रखें। समय पर सोएं और समय पर खाएं। ध्यान व व्यायाम कर सकते हैं और गहरी सांसें लें।