मैनपुरी। ग्रामीण अंचल के मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही उचित उपचार मिल सके इसके लिए सभी विकास खंड स्तर पर एक-एक सीएचसी का संचालन किया जा रहा है। शासन के निर्देश हैं कि चिकित्सक और स्टाफ यहां रुककर मरीजों को उपचार दे लेकिन जिले के सीएचसी पर तैनात चिकित्सक मनमानी कर रहे हैं। रात के समय सीएचसी पर इमरजेंसी सेवा तक बंद रहती हैं।
जिले के नौ विकास खंडों पर नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। सीएचसी पर डॉक्टरों और स्टाफ के रुकने के लिए आवास की भी व्यवस्था की गई है। लेकिन इसके बाद भी जिले के डॉक्टर और स्टाफ सीएचसी पर नहीं रुकता है। जिसके चलते यहां दो बजे के बाद आने वाले मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। जिले के अधिकतर सीएचसी पर ओपीडी समय दो बजे के बाद डॉक्टर और स्टाफ नहीं मिलता है। जिसके चलते सीएचसी पर पहुंचने वाले मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण अंचल के उन मरीजों को हो रही है जिन्हें रात के समय कोई दिक्कत होती है। रात के समय सीएचसी पर डॉक्टर न मिलने के कारण उन्हें जिला अस्पताल की लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसके चलते 108 एंबुलेंस सेवा को भी अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है।
केस नंबर-एक
गांव रठेरा निवासी प्रांजल को रविवार की रात अचानक पेटदर्द हुआ। परिजन उसे लेकर सीएचसी कुचेला पहुंचे। यहां कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। इमरजेंसी सेवा भी बंद थी। बाद में परिजन उसे घर ले आए और 108 एंबुलेंस सेवा से जिला अस्पताल मैनपुरी ले गए।
केस नंबर-दो
गांव चौहानपुर निवासी पप्पू को रविवार की रात अचानक सांस लेने में दिक्कत हुई। परिजन उन्हें लेकर सीएचसी भांवत पहुंचे यहां कोई भी डॉक्टर नहीं मिला। बाद में परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां उन्हें आवश्यक उपचार दिया गया।
केस नंबर- तीन
गांव ककराना निवासी रवि को डायरिया की दिक्कत होने पर रविवार की रात परिजन सीएचसी गोदना लेकर पहुंचे। यहां रात के समय इमरजेंसी सेवा बंद थी कोई भी डॉक्टर यहां मौजूद नहीं था। बाद में परिजन रवि को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां रवि को उपचार दिलाया गया।
सभी चिकित्साधिकारी और चिकित्सक शासनादेश को पालन करते हुए रात के समय सीएचसी पर ही रुकें। शीघ्र ही रात के समय निरीक्षण किया जाएगा। अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. पीपी सिंह सीएमओ