आगरा में अस्पताल-पैथोलॉजी लैब के लाइसेंस नवीनीकरण के लिए कई संचालक मानकों से खिलवाड़ कर रहे हैं। सत्यापन में 18 अस्पातल-लैब में एनओसी समेत अन्य प्रमाणपत्र अधूरे मिले हैं। डॉक्टर भी नहीं मिले। ऐसे में संबंधित चिकित्सक को बुलाकर सत्यापन किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग में बीते साल 1317 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत हुए हैं। इनमें 537 अस्पताल, 523 क्लीनिक, 149 पैथोलॉजी लैब और 108 डायग्नोस्टिक सेंटर हैं। अब 2025-30 तक के लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। अभी तक हर साल लाइसेंस का नवीनीकरण किया जा रहा था। इनमें से 50 से अधिक लैब और अस्पताल का सत्यापन किया है। इनमें से 17 मानकों के आकलन में 18 में अधूरे प्रमाणपत्र मिले हैं। आईसीयू में विशेषज्ञ नहीं थे, लैब में चिकित्सक नहीं मिले। इस पर बताया गया कि किसी कार्य से बाहर गए हैं। अग्निशमन विभाग, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बाॅयोमेडिकल वेस्ट निस्तारण, पैरामेडिकल स्टाफ के अनुभव-चिकित्सकीय प्रमाणपत्र समेत अन्य की एनओसी भी नहीं थी। तय से अधिक बेड मिले।
सीएमओ प्रभारी डॉ. अमित रावत का कहना है कि सत्यापन में अधूरे प्रमाणपत्र मिलने पर संचालकों को नोटिस देकर इनको दुरुस्त करने के लिए निर्देशित किया है। चिकित्सक नहीं मिलने पर उनसे संबंधित अस्पताल में सेवाएं देने के बारे में पुष्टि की जा रही है। शपथपत्र भी ले रहे हैं। सभी मानक पूरे होने पर ही इनके लाइसेंस का नवीनीकरण होगा।