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महिला चिकित्सक के सुसाइड नोट ने उलझाई गुत्थी, अब 'क्रिशिव' पर अटकी पुलिस की जांच

Thu, 06 Aug 2020 12:16 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

डॉ. दीप्ति कोमा में, वेंटिलेटर पर रखी गईं
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अपने पति डॉक्टर सुमित अग्रवाल के साथ डॉक्टर दीप्ति - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ताजगंज के विभव वैली व्यू अपार्टमेंट के फ्लैट में डॉक्टर दीप्ति के आत्महत्या के प्रयास के मामले में पुलिस की जांच क्रिशिव पर आकर अटक गई है। दरअसल, मौके से मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि अच्छा होता, मैं क्रिशिव के साथ ही चली जाती। पुलिस मालूम करना चाहती है कि क्रिशिव कौन है? लेकिन पता ही नहीं चल पा रहा है। पुलिस का कहना है कि मायका पक्ष और ससुराल पक्ष ने कुछ भी नहीं बताया है। उनसे दोबारा से पूछताछ की जाएगी।
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डॉक्टर दीप्ति के परिजनों से बात करने के लिए पुलिस टीम फरीदाबाद भी गई। परिजनों ने सिर्फ इतना कहा कि वे अभी बात करने की स्थिति में नहीं है। पुलिस ने फ्लैट में छानबीन की थी। डॉ. दीप्ति जिस कमरे में फांसी पर लटकी मिली थीं, उस कमरे में एक सुसाइड नोट मिला था।

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इसमें उन्होंने लिखा है कि मैं अब जीना नहीं चाहती हूं। इसमें किसी का दोष नहीं है। मेरी बेटी का ख्याल रखना। मैं इस दुनिया से जा रही हूं। काश मैं क्रिशिव के साथ चली जाती, तब ही ठीक होता। क्रिशिव कौन है? इस बारे में परिजन भी कुछ नहीं बता सके हैं। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि सुसाइड नोट जांच का हिस्सा है। इसमें लिखी हर बात की जांच की जा रही है।
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डॉ. दीप्ति कोमा में, वेंटिलेटर पर रखी गईं
आत्महत्या का प्रयास करने वाली डॉ. सुमित अग्रवाल की पत्नी डॉ. दीप्ति कोमा में हैं, उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। विभव नगर स्थित विभव वैली व्यू अपार्टमेंट निवासी हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित अग्रवाल की पत्नी डॉक्टर दीप्ति अग्रवाल तीन अगस्त को अपने कमरे में पंखे से बने फांसी के फंदे पर लटकी मिली थीं। डॉ. सुमित ने दरवाजा तोड़कर पत्नी को फंदे से उतारा था।

प्रतापपुरा स्थित अपने अस्पताल लेकर आए थे। बाद में उन्हें फरीदाबाद स्थित सर्वोदय अस्पताल में रेफर किया था। उनका इलाज चल रहा है। थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार ने बताया कि बुधवार को एसआई विपिन कुमार के साथ एक टीम को फरीदाबाद भेजा गया था।

मगर, डा. दीप्ति कोमा में हैं। उनका मष्तिष्क काम नहीं कर रहा है। सिर्फ धड़कन चल रही हैं। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। ससुराल और मायका पक्ष के लोगों से बात की गई थी, लेकिन वह किसी तरह का कारण नहीं बता सके हैं।

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फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा सुसाइड नोट
थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार ने बताया कि डॉक्टर दीप्ति के पिता मंगला कोसी में रहते हैं। घटना वाले दिन डॉक्टर दीप्ति का भाई और मां आए थे। उनकी मौजूदगी में फोरेंसिक टीम ने फ्लैट में छानबीन की थी। सुसाइड नोट जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। इसकी हैंड राइटिंग का मिलान किया जाएगा। 
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