अस्पताल में इलाज के बाद बीमा कंपनी ने क्लेम निरस्त कर दिया, तो मरीज को बिल देना पड़ गया। इसका ठीकरा मरीज ने चिकित्सक पर फोड़ते हुए उसे जल्लाद कहकर फेसबुक पर पोस्ट डाल दी।
आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र के शांतीवेद इंस्ट्टीयूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में एक मरीज इश्योरेंस से इलाज कराने के लिए भर्ती हुआ। अप्रूवल मिलने के बाद डॉक्टरों ने इलाज किया। डिस्चार्ज के दौरान कंपनी ने क्लेम निरस्त कर दिया। तब मरीज के तीमारदारों ने बिल के 28 हजार ऑनलाइन दे दिए। 22 हजार का चेक दे दिया। 12 जुलाई को डिस्चार्ज के बाद एक युवक अन्य लोगों के साथ अस्पताल पहुंचा।
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आरोप है कि हॉस्पीटल के निदेशक डॉ. श्वेतांक प्रकाश के चेंबर में घुस गए और अभद्रता की। छवि धूमिल करने के लिए 13 जुलाई को ओम गौतम और ललित गौतम ने फेसबुक पर जल्लाद लिखकर पोस्ट किया। शिकायत पर पुलिस ने दो के खिलाफ केस दर्ज किया है। दर्ज केस के अनुसार शांति वेद इंस्ट्टीयूट ऑफ मेडीकल सांइसेज के ऑपरेशन मैनेजर जसवंत जोंसन ने तहरीर दी थी। मामला 8 जुलाई का है, जब सिकंदरा थाना क्षेत्र के दहतोरा निवासी राजू के पैर की टूटी हड्डी का इंश्योरेंस से इलाज कराने हॉस्पीटल आया था। बीमा कंपनी से अप्रूवल मिलने पर उसे भर्ती कर लिया गया।
12 जुलाई को डिस्चार्ज के समय कंपनी ने क्लेम निरस्त कर दिया। मामला तब बढ़ गया जब मरीज के भाई ओम गौतम ने बिल के 80 हजार रुपये देने से मना कर दिया। हॉस्पीटल में हंगामा कर धमकी दी कि वह भुगतान नहीं करेगा। लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप के बाद 50 हजार रुपये का बिल कर दिया।