स्वच्छ सर्वेक्षण में आगरा कैंट का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। देशभर की 58 छावनियों में आगरा कैंट को 57वीं रैंक मिली, जबकि पिछले साल आठवीं रैंक थी। रैकिंग में गिरावट ने न केवल अधिकारियों को चौंका दिया, बल्कि सफाई कार्य की पोल भी खोल दी। अब अधिकारी टीम गठित कर जांच की बात कह रहे हैं।
स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग की गिरावट के बाद छावनी परिषद के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। उन्होंने जवाबदेही और निष्पक्ष जांच की बात कही। छावनी के मनोनीत सदस्य राजेश गोयल ने बताया कि अधिकारियों ने बैठक कर पूरे मामले की गंभीरता से समीक्षा करने का निर्णय लिया है। ब्रिगेडियर, सीईओ और बोर्ड सदस्य मिलकर सफाई कार्यों की जांच करेंगे कि आखिर ऐसा क्या कारण रहा, जिससे रैंकिंग में इतनी बड़ी गिरावट आई। जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
सेनेटरी इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने बताया कि भविष्य में सुधार की रणनीति तैयार की जाएगी ताकि आने वाले सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके। साथ ही चूक कहां रही है उस पर भी जांच करेंगे।