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कहीं आप तो नहीं खरीद रहे यह दवा, ड्रग विभाग की जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Sun, 18 Aug 2019 03:35 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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आगरा में ड्रग विभाग की जांच में टैबलेट ए-सिपेक्स-ओ नकली पाई गई है। इसका नमूना पिछले महीने यमुनापार के मालवा ट्रांसपोर्ट से जब्त की गई दवाओं से लिया गया था। अभी छह और दवाओं की रिपोर्ट आना बाकी है। इनकी भी जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग नकली दवा के कारोबारियों पर गैंगस्टर के तहत मुकदमा दर्ज कराएगा।
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ड्रग विभाग ने नौ जुलाई को यमुनापार के शाहदरा स्थित मालवा ट्रांसपोर्ट पर देर रात छापा मारकर करीब 90 लाख रुपये की दवाएं जब्त की थीं। इनमें अधिकांश फिजीशियन सैंपल थे। सात दवाओं के नमूने जांच को भेजे गए। शुक्रवार को लैब से ए-सिपेक्स-ओ, बैच नंबर 3542 की रिपोर्ट आई है, जिसमें यह नकली मिली है। यह एंटीबायोटिक है। 

एक्सपायरी डेट की भी दवाएं मिली थीं

गोदाम से इस बैच की 1.64 लाख रुपये की दवाएं मिली थीं, जिन पर एक्सपायरी डेट तीन मार्च 2021 अंकित थी। इस बैच दवा की जांच को अन्य मेडिकल स्टोर से भी नमूने लिए जाएंगे। इस दवा की निर्माता कंपनी एपेक्स फार्मुलेशन प्राइवेट लिमिटेड सिरमौर हिमाचल प्रदेश है। कंपनी को भी नोटिस दिया गया है
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ड्रग इंस्पेक्टर डॉ. आरके शर्मा ने बताया कि मालवा ट्रांसपोर्ट से जब्त की दवाओं में से सात नमूने जांच को भेजे गए थे, इनमें से ए-सिपेक्स-ओ नकली मिली है। छह नमूनों की जांच रिपोर्ट आना बाकी है। सभी की रिपोर्ट आने पर नकली दवा का कारोबार करने वालों पर गैंगस्टर के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। दवा कंपनी को भी नोटिस भेजा गया है।

यह है मामला 

मालवा ट्रांसपोर्ट से 60 लाख के फैंसीड्रिल कफ सीरप और 30 लाख की दवाएं जब्त की थी। कफ सीरप के बिल प्रस्तुत किए गए थे। छापे में मौके पर फिरोजाबाद निवासी निखिल तिवारी मिला था। उसने बताया कि यह गोदाम मोहन गुप्ता निवासी हरियाणा का है। यह दवाएं आठ बोरों में भरकर अरुण गुप्ता और आरके गुप्ता लेकर आए थे। 
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