‘चले गांव की ओर’ अभियान के तहत आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) प्रति वर्ष एक गांव गोद लेगी। कैंप लगाकर मरीज देखे जाएंगे और गंभीर मरीजों का हास्पिटल-क्लीनिक में रियायती दराें पर इलाज किया जाएगा। होटल क्लार्क्स शिराज में दो दिवसीय इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की 215वीं सेंट्रल वर्किंग कमेटी की बैठक के दूसरे दिन चिकित्सकों ने यह निर्णय लिया। बैठक में देशभर से 300 से अधिक सदस्यों ने समस्या और प्रस्तावों पर चर्चा की।
आईएमए सचिव डा. केके अग्रवाल ने बताया कि लोकल बॉडी के अध्यक्ष को ये जिम्मेदारी दी गई है। आईएमए आगरा अध्यक्ष डा. जेएन टंडन ने बताया कि कैंप चरणबद्ध हों, इस पर जोर रहेगा। दवा का असर कई मरीजों पर न होने पर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से शिकायत करने का भी निर्णय हुआ। आईएमए अध्यक्ष डा. एसएस अग्रवाल, डा. अजय प्रकाश, डा. सुधीर धाकरे, डा. आरएस कपूर, डा. आमोद शंकर, डा. सुनील शर्मा, डा. आलोक मित्तल, डा. रविंद्र भदौरिया आदि रहे।
डाक्टर पूछेंगे, घर में शौचालय है क्या
स्वच्छ भारत मिशन में डाक्टर भी सहयोगी बनेंगे। खुले में शौच से होने वाली बीमारियां बताते हुए शौचालय निर्माण को जागरूक करेंगे। यूपी आईएमए अध्यक्ष डा. एपी सिंह ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर आईएमए अपने खर्चे पर शौचालय निर्माण भी कराएगा।
शासन को भेजी जाएंगी सिफारिशें
हास्पिटल में तोड़फोड़, डाक्टरों से मारपीट पर सख्त कार्रवाई, रजिस्ट्रेशन को सिंगल विंडो सिस्टम, मेडिकल वेस्ट निस्तारण के नाम पर शोषण बंद जैसी मांगों को पूरा करने के लिए शासन को सिफारिश भेजी जाएगी।
मेडिकल टीचिंग में सहयोग करे आईएमए
नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन (एनएमओ) ने मेडिकल शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता जताई। बाग फरजाना में मीटिंग कर आईएमए अध्यक्ष डा. एसएस अग्रवाल के समक्ष ये मेडिकल कालेजों में आईएमए के सदस्यों द्वारा लेक्चर देने का मुद्दा उठाया। बैठक में एनएमओ अध्यक्ष डा. अरुण चतुर्वेदी, डा. एमसी गुप्ता, डा. पवन गुप्ता, डा. आरसी मिश्रा, डा. योगेश दीक्षित, डा. अजय अग्रवाल रहे।