आगरा में कलेक्ट्रेट में सोमवार को आयोजित आईजीआरएस समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल के कड़े तेवर देखने को मिले। जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बरतने और बैठक से बिना सूचना गायब रहने पर डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका महिला चिकित्सालय, सीएनडीएस और उच्च शिक्षा अधिकारी का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मनीष बंसल ने असंतुष्ट फीडबैक पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। जल निगम, टोरंट पावर, आवास विकास और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सभी फीडबैक असंतुष्ट मिलने पर उन्होंने जवाब तलब किया। सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान नलकूप खराब होने की शिकायत पर सहायक अभियंता द्वारा संतोषजनक उत्तर न देने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए उनका भी वेतन रोकने के निर्देश देते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
दूसरी ओर, 720 में से 695 शिकायतों के सफल निस्तारण पर जिला पूर्ति अधिकारी की कार्यशैली की सराहना की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि विभागीय अधिकारी शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर न करें। शिकायतकर्ता को फोन कर उनकी समस्या समझें और मौके पर जाकर फोटो साक्ष्य के साथ रिपोर्ट लगाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन विभागों का निस्तारण स्तर 60 प्रतिशत से कम है, उनकी विशेष मॉनिटरिंग की जाएगी। बैठक में सीडीओ प्रतिभा सिंह, एडीएम शुभांगी शुक्ला सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।