आगरा। मरणोपरांत वसीयत पंजीकरण में उप निबंधक ने सिर्फ नियम ही खूंटी पर नहीं टांगे, जिलाधिकारी को भी गुमराह किया। अधिकार क्षेत्र से बाहर की संपत्तियों के मरणोपरांत पंजीकरण की सूचना जिलाधिकारी को नहीं भेजी। नियमानुसार, बिना डीएम को लिखित सूचना दिए और अनुमति मिले मरणोपरांत अधिकार क्षेत्र से बाहर की वसीयत का पंजीकरण नहीं हो सकता।
स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग में उप निबंधक तृतीय राकेश यादव ने चार वसीयतों का मरणोपरांत पंजीकरण किया। शासनादेश और पंजीयन एक्ट का उल्लंघन की शिकायत पर जांच शुरू हो गई है। सदर में पांच उप निबंधक कार्यालय है लेकिन, मरणोपरांत वसीयतें सिर्फ उप निबंधक तृतीय कार्यालय में पंजीकृत की गईं। पंजीकरण से पूर्व वसीयत की जांच के लिए अंगूठा और हस्ताक्षर का विधि विज्ञान प्रयोगशाला से सत्यापन कराया जाता है।
राजस्व संहिता के अनुसार सभी उत्तराधिकारियों से अनापत्ति लेने के साथ ही सूची बनती है। जांच के घेरे में आए विलेख संख्या 117/2025, 148/2024, 326/2024 और 327/2024 चारों दस्तावेज उप निबंधक तृतीय कार्यालय में मरणोपरांत पंजीकृत हुए हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी अरविंद बंगारी का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। आरोप सिद्ध होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।