एकता विकलांग समिति की बैनर तले दिव्यांग महिला और पुरुष बैसाखी के सहारे और व्हीलचेयर तो कुछ जमीन पर खिसकते हुए कलेक्ट्रेट तो पहुंचे गए, लेकिन जिलाधिकारी पंकज कुमार को इन नि:शक्तों से मिलने तक की फुर्सत नहीं थी। गाड़ी में बैठकर कलेक्टर साहब जाने लगे तो दिव्यांगों ने अपनी परेशानी बतानी चाही, वे उनकी गाड़ी के आगे भी आए। इस पर मातहतों ने उन्हें धकियाकर रास्ते से हटा दिया। वे बोले, नि:शक्त हैं तो क्या हम इनसान नहीं। संस्था के अध्यक्ष भूरी सिंह माथुर ने बताया कि अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी से मिलने गए थे। बाहर बैठे कर्मचारियों ने इस बाबत कहा था कि डीएम से मिलना है। लेकिन एसीएम प्रथम अरुण कुमार आए और जबरन उनसे ज्ञापन ले गए।
ये थीं मागें...
पेेंशन की निर्धारित दरों में संशोधन कर कुष्ठ रोगियों को 300 रुपये प्रतिमाह की जगह 2500 रुपये दिलाए जाएं। एडीए और आवास विकास की ओर से विकलांग फ्रेंडली आवास मुहैया कराने को कोटा दिया जाए, बेरोजगार विकलांगों के लिए रोजगार की व्यवस्था हो, यूपी रोडवेज में निशुल्क यात्रा की व्यवस्था हो।