आगरा जिला प्रशासन ने यूपी बोर्ड परीक्षाएं नकल विहीन संपन्न कराने के लिए कमर कस ली है। जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार ने चेताया है कि बोर्ड परीक्षाओं में नकल कराने वालों पर रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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बोर्ड परीक्षा की तैयारियों पर गुरुवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पर्यवेक्षक, केंद्र व्यवस्थापक और अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक हुई। डीएम ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में नकल पाए जाने पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि उम्मीद है कि परीक्षा नकल विहीन होगी। कुछ विद्यालय जो गड़बड़ कर सकते हैं, उनको चिह्नित किया जा रहा है। उनको टारगेट करके कार्रवाई की जाएगी। कोई समझौता नहीं होगा। किसी की बात नहीं सुनी जाएगी।
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परीक्षा केंद्रों पर रहेगी नजर
जिलाधिकारी ने कहा कि उन्होंने मथुरा और फिरोजाबाद में जिलाधिकारी रहते हुए नकल पर लगाम लगा दी थी। यहां भी सख्ती करेंगे। चार पेपर में ही सख्ती की जाएगी। उसके बाद सब सही हो जाएगा।
मजिस्ट्रेटों को चिह्नित विद्यालयों में भेजा जाएगा। पहले से जानकारी नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ केंद्र जोड़ी जुगाड़ से बन गए हैं, उन पर नजर रहेगी। परीक्षा केंद्र निर्धारण में प्रबंधक से लेकर डीआईओएस तक सभी खुश हो जाते हैं।
बैठक में एसएसपी अमित पाठक ने कहा कि नकल कराने की बात दूर लापरवाही भी नहीं बर्दाश्त की जाएगी। उन्होंने नकल पाए जाने पर एनएसए लगाए जाने की बात कही। केंद्र व्यवस्थापकों की मदद के लिए एसएसपी ने एसपी पश्चिमी का मोबाइल नंबर- 9454401009 और एसपी पूर्वी का मोबाइल नंबर- 9454401010 भी बताया।
नैतिकता का पाठ भी पढ़ाया
जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों को नैतिकता का पाठ भी पढ़ाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से बहुत कुछ बनता बिगड़ता है। शिक्षा व्यवस्था सही नहीं होगी तो देश का भविष्य खराब होगा।
बिना पढ़े विद्यार्थी 60 से 70 फीसदी अंक पा लेंगे तो पढ़ने वालों का मनोबल गिरेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य के लिए साफ सुथरी परीक्षा कराएं। कोई दिक्कत आने पर उनसे कभी भी संपर्क किया जा सकता है।
जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह ने नकल विहीन परीक्षा कराए जाने के लिए आश्वस्त किया। बैठक में एडीएम सिटी केपी सिंह, एसपी सिटी प्रशांत वर्मा, जेडी अरविंद कुमार पांडेय, डीआईओएस टू राजेंद्र बाबू, एडीआईओएस सुभाष बाबू, जीआईसी प्रधानाचार्य अरुण कुमार सिंह मौजूद रहे।
ये निर्देश दिए गए
- परीक्षा केंद्रों पर ब्लैकबोर्ड पर पेपर चस्पा करा दिए जाएं।
- ध्यान दिया जाए कि गलत प्रश्नपत्र न खुलने पाए।
- कक्ष निरीक्षक बोलकर न करा पाएं, इस पर नजर रखी जाए।
- महिला शिक्षकों की उनके घर के नजदीक के विद्यालयों में ड्यूटी लगाई जाए।
समस्याएं भी बताई गई
विद्यालय संचालक मधुसूदन शर्मा ने बताया कि उनका विद्यालय किरावली में हैं, परीक्षा केंद्र बना है। संकलन केंद्र जीआईसी आगरा है। इसकी दूरी 45 किलोमीटर है। गत वर्षों में प्रश्नपत्र लाने में देरी होने पर जीआईसी के स्टाफ पर सही व्यवहार न करने का आरोप लगाया।
जेडी ने आश्वस्त किया, इस बार दिक्कत नहीं आएगी। एक अभिनव विद्यालय के शिक्षक ने बताया कि उनके विद्यालय को उप संकलन केंद्र बनाया गया है, जबकि एक को छोड़कर सभी शिक्षकों की कक्ष निरीक्षक के रूप में ड्यूटी लगाई गई है।
इस वर्ष भी यूपी बोर्ड परीक्षा में बड़ी संख्या में परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इससे परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होगी। पहले जिले में 350 के करीब परीक्षा केंद्र बनते थे, ऐसी स्थिति में कक्ष निरीक्षक कम पड़ने की बात कही जाती थी। अब 184 परीक्षा केंद्र रह गए हैं, फिर भी परिषदीय शिक्षकों को लगाया जा रहा है।
एक नजर आंकड़ों पर
184 परीक्षा केंद्र जिले में बनाए गए हैं।
1,25,977 परीक्षार्थी हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा में पंजीकृत हैं।
65769 संस्थागत परीक्षार्थी हाईस्कूल में हैं, 72 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं।
59,801 संस्थागत परीक्षार्थी इंटरमीडिएट में हैं, 335 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं।