जिलाधिकारी ने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया, जिनके द्वारा शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही की गई। दो अधिकारियों का वेतन रोक दिया गया। इसके साथ ही पांच अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
आगरा में शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी ने दो अधिकारियों का वेतन रोका है, जबकि पांच से स्पष्टीकरण मांगा गया है। शुक्रवार को उन्हें जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस), तहसील दिवस, सीएम हेल्पलाइन पर की गई शिकायतों की समीक्षा में बेहद खराब स्थिति नजर आई।
विज्ञापन
शासन ने लिया 24 प्रकरणों का फीडबैक
जिलाधिकारी की बैठक में बताया गया कि 1 से 4 अप्रैल के बीच 24 प्रकरणों का फीडबैक शासन ने लिया। इनमें से 19 मामलों में संतुष्ट फीडबैक मिला। ब्लॉक लेवल की 18 में से 15 शिकायतों में संतुष्ट फीडबैक मिला। खंड शिक्षा अधिकारी खेरागढ़ को शिकायत का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण न करने पर निगेटिव फीडबैक दिया गया। डीएम ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया।
कारण बताओ नोटिस
एडीएम प्रोटोकॉल को निर्देश दिए कि अपलोड की गई रिपोर्ट में अगर त्रुटि हो तो वेतन रोक दिया जाए। इसी तरह सहायक विकास अधिकारी जैतपुर कला ने शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं किया। उन्हें कारण बताओ नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया। उन्होंने बाल विकास परियोजना अधिकारी सैंया को कार्यों में शिथिलता बरतने पर स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए।
जलनिगम, बीएसए, सीएमओ को नोटिस
आईजीआरएस में जिले से 54 प्रकरणों का फीडबैक शासन ने लिया, जिसमें से 27 प्रकरणों में निगेटिव फीडबैक मिला। इस पर डीएम ने अधिशासी अभियंता विद्युत, अधिशासी अभियंता जल निगम, नगरीय, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। ब्लॉक लेवल पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत पिनाहट व बिचपुरी से रिपोर्ट मांगी गई है। बैठक में सीडीओ प्रतिभा सिंह, एडीएम प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी, उप निदेशक कृषि पीके मिश्रा, डीपीआरओ मनीष कुमार, एसटीओ नागेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।