क्या कहते हैं प्राचार्य
आजकल मोबाइल में पाठ्य सामग्री रहती हैं। उसे ही परीक्षार्थी पढ़ रहे होंगे। कुछ परीक्षार्थी पर्ची पर सवाल हल लेकर आए थे, उनको गेट पर चेकिंग के दौरान पकड़वा दिया। वीडियोग्राफी में प्रश्न पत्र खोला गया। हमारे यहां से प्रश्न पत्र लीक नहीं हुआ है।
डॉ. डीपीएस राठौर, प्रधानाचार्य एसआरके इंटर कॉलेज
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तत्परता दिखाई होती तो पकड़ा जा सकता था गैंग
पेपर लीक होने की सूचना लोगों ने डायट प्राचार्य विमलेश विजयश्री को दी। उस समय वह डीएवी इंटर कॉलेज में निरीक्षण रहीं थीं। मामले को हल्के में लिया और काफी देर बाद ही वह देरी से परीक्षा केंद्र पर पहुंची। यदि गंभीरता दिखातीं तो सॉल्वर और पेपर लीक करने वाले गैंग का खुलासा हो सकता था। मंगलवार को भी डीएलएड का पेपर लीक हुआ था लेकिन प्रशासन की चुप्पी से बुधवार का पेपर फिर से लीक हो गया।
क्या कहते हैं अधिकारी
परीक्षा केंद्र के अंदर पेपर जनपद में कहीं लीक नहीं हुआ। वहीं केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी होती है। पेपर लीक जनपद के बाहर से हो रहा है। हमारे संज्ञान में पेपर व्हाट्सएप पर आने की जानकारी आई थी।
- विमलेश विजयश्री, प्राचार्य, जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान
केंद्र की सख्ती पर उठ रहे सवाल
परीक्षा केंद्र के बाहर छात्र और छात्राएं अपने कपड़ों पर ही उत्तर लिख रहे थे। इसके वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। परीक्षार्थियों को कपड़े बदलने का समय भी नहीं मिला और वही कपड़े पहनकर वह परीक्षा केंद्र के अंदर भी पहुंचे। केंद्र व्यवस्थापक और डायट प्रशासन को जानकारी हुई। फिर भी कोई परीक्षार्थी नकल करते हुए नहीं पकड़ा गया है।