कासगंज। धनतेरस शुक्रवार को है, लेकिन बृहस्पतिवार शाम छह बजे से तेरस की तिथि लग रही है। इसलिए बर्तन व सराफा कारोबारी दो दिन यह त्योहार मनाएंगे। कारोबारियों ने दो दिन की बिक्री के हिसाब से दुकानों पर सामान का स्टॉक किया है। सभी रेंज का सामान सजाया है।
सराफा बाजार में है महंगाई का असर
सराफा कारोबारियों ने चांदी के लक्ष्मी-गणेश, चांदी के डालर, चांदी के नोट, नए व पुराने चांदी के सिक्के, चांदी के बर्तन, सोने की गिन्नी और सहालगों के कारण आकर्षक डिजाइन के आभूषण तैयार कराए हैं। पिछले साल के मुकाबले इस बार दोनों कीमती धातुओं पर महंगाई का असर है। पिछले साल से सोना लगभग 14 हजार रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी करीब 17 हजार रुपये किलोग्राम अधिक महंगी है। दुकानों पर ग्राहक सामान पसंद कर बुकिंग भी करा रहे हैं।
नॉनस्टिक के बर्तनों को पसंद कर रहे लोग
बाजार में तांबा, पीतल व स्टील के भाव पिछले साल के समान ही हैं। अब खरीद का ट्रेंड बदला हुआ है। लोग इन धातुओं केे बजाय नॉनस्टिक के बर्तन अधिक पसंद कर रहे हैं। व्यापारियों ने नॉनस्टिक की कढ़ाई, तवा, फ्राइपेन, कुकर आदि मंगाए हैं।
कोरोना संकट की वजह से सराफा कारोबार काफी प्रभावित रहा। त्योहार को देखते हुए बाजार में कुछ उम्मीद बंधी है। वैसे इस बार महंगाई का असर दिख रहा है। पिछले वर्ष से कम कारोबार रहने की उम्मीद है।
- शरद कुमार, सराफा कारोबारी
धनतेरस के चलते हुए सोने, चांदी के आभूषण, सहित अन्य समान की सभी रेंज की व्यवस्था की गई है। बेपटरी हुए कारोबार को गति मिलने की उम्मीद बंधी हैै, लेकिन इस बार दोनों धातुएं महंगी हैं।
- सिद्धार्थ गुप्ता सराफा कारोबारी
धनतेरस पर्व के लिए इस बार नॉनस्टिक बर्तन की मांग अधिक है। धनतेरस के त्योहार को देखते हुए बर्तन, पीतल की मूर्तियां आदि की व्यवस्था की है।
- गौरव कुशवाह, बर्तन कारोबारी
बर्तन का बाजार अभी तक काफी मंदा चल रहा था, लेकिन धनतेरस पर्व से उम्मीद बंधी है। बर्तन व मूर्तियों की अलग-अलग रेंज मंगाई गई है।
-राहुल चौहान, बर्तन कारोबारी