विकास कार्य व योजनाओं की खराब रैंकिंग पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। अधिकारियों को जल्द सुधार लाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि आवास योजना में लाभार्थियों को आवंटन और निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराएं।
मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने मंगलवार को विकास कार्यों की समीक्षा की। आगरा में स्कूलों के निरीक्षण और मथुरा में मिड-डे मील में लापरवाही से रैंकिंग में गिरावट आई। इस पर मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सीडीओ को निरीक्षण व तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं।
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मुख्यमंत्री आवास योजना में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद व मैनपुरी चारों जिलों की स्थिति खराब रही। मंडलायुक्त ने चारों जिलों के डीएम से कहा कि आवास योजना में लाभार्थियों को आवंटन और निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराएं। जल जीवन मिशन में फिरोजाबाद को डी श्रेणी मिली।
फैमिली आईडी में मंडल के चारों जिलों की रैंकिंग खराब रही। संबंधितों को योजना बनाकर फैमिली आईडी के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। पर्यटन कार्य मंडल में अधूरे मिले। यही स्थिति पीएम पोषण मिशन में रही। कन्या सुमंगला में फिरोजाबाद, ओपन जिम में मथुरा में काम अधूरे मिले। इनके अलावा फसल बीमा, सम्मान निधि, विद्युत बिल में मंडल की स्थिति संतोषजनक मिली।
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आगरा में 527 विद्यालयों में नहीं हैं फर्नीचर
आगरा में 527, मथुरा में 735, फिरोजाबाद में 185 और मैनपुरी में 40 विद्यालयों में फर्नीचर नहीं हैं। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन कार्य अधूरे मिले। 48 घंटे में जननी सुरक्षा का लाभ नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्हें बताया गया कि एसएन मेडिकल कॉलेज स्तर पर लापरवाही बरती गई है। बैठक में आयुष्मान भारत, गौवंश संरक्षण व अन्य योजनाओं की समीक्षा की गई।