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Agra News: डीएम साहब... राहत बन गई आफत, भीड़ में पिस रहे आवेदक

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आवेदकों की लगी भीड़
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आगरा। फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों से बचने के लिए शासन ने प्रशासन को इस उम्मीद से जिम्मेदारी सौंपी थी कि आवेदकों को राहत मिलेगी लेकिन सिस्टम की लेटलतीफी और भ्रष्टाचार से यह व्यवस्था ही आवेदकों के लिए अब आफत बन रही है। शनिवार को सदर तहसील में प्रमाणपत्रों के लिए फिर भीड़ उमड़ी, जिसमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग दिनभर पिसते रहे।
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सिटीजन चार्टर के मुताबिक जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र आवेदन के 21 दिन में बन जाने चाहिए लेकिन विलंब वाले आवेदनों के निस्तारण के लिए चार्टर में कोई समय सीमा तय नहीं है। प्रशासन को मिली इस जिम्मेदारी का खामियाजा आवेदकों को परेशानी और शोषण के रूप में भुगतना पड़ रहा है। शुक्रवार के बाद शनिवार को भी अमर उजाला ने पड़ताल में भीड़ के बीच आवेदक दबे नजर आए। सदर तहसील में लापरवाही का आलम यह था कि जिस एसडीएम न्यायालय कक्ष में शनिवार को प्रमाणपत्रों के लिए आवेदकों का हुजूम उमड़ा था, वहां डायस पर बीच में एसडीएम की कुर्सी खाली थी। सामने मेज पर प्रमाणपत्रों के आवेदन बिखरे पड़े थे। मेज के दाईं तरफ पेशकार की कुर्सी पर एक निजी कंप्यूटर ऑपरेटर के हाथों में प्रमाणपत्र आवेदनों का बंडल था, जबकि बाईं तरफ स्टेनो की कुर्सी पर एक संबद्ध कर्मचारी के भरोसे ऑनलाइन फीडिंग का काम चल रहा था। यहां आवेदकों की फरियाद सुनने वाला कोई नहीं था।

जनता की पीड़ा

सात महीने से परेशान हूं
मैंने अपने बेटे के जन्म प्रमाणपत्र के लिए जनवरी में आवेदन किया था। सात महीने से चक्कर लगा रहा हूं। बहुत परेशान हूं। - प्रेम प्रकाश, दयालबाग

काम भी छूट गया
बेटी के जन्म प्रमाणपत्र के लिए अक्टूबर में आवेदन किया था। मजदूरी करती हूं। यहां चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। काम भी छूट गया। - गुलकी, ताजगंज

प्रशासन बहुत लापरवाह

मेरे नाती का जन्म प्रमाणपत्र दस महीने बाद भी नहीं बना। सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हूं। पूर्व सैनिक भी यहां परेशान हैं। प्रशासन की भारी लापरवाही है। - धर्म सिंह, मलपुरा
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नहीं होती कोई सुनवाई

मेरे बच्चे का प्रमाणपत्र आठ महीने में भी नहीं बना। बहुत चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अधिकारी लापरवाह हैं और हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही। - साजिया, ताजगंज

ये बोले जिम्मेदार
अगर आठ-आठ महीने से आवेदक भटक रहे हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी। मैं स्वयं लंबित मामलों की समीक्षा करूंगा और इस समस्या का उचित समाधान निकाला जाएगा। - मनीष बंसल, जिलाधिकारी
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