आगरा में खूंखार हो रहे बंदरों के उत्पात और हमलों से निजात के लिए एक्शन प्लान बनेगा। नवागत डीएम नवनीत सिंह चहल ने इस संबंध में पुलिस, नगर निगम व वन विभाग से कार्य योजना मांगी है। मथुरा की तर्ज पर बंदरों को पकड़ा जाएगा। यह काम संबंधित विभागों के आपसी समन्वय से होगा।
कलेक्ट्रेट में डीएम नवनीत सिंह ने मंगलवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों संग बैठक की। फिर पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि ताजमहल, अस्पताल व अन्य स्थलों पर बंदर व कुत्तों के काटने के मामले आ रहे हैं। इसके लिए एसएसपी और नगरायुक्त के साथ मिलकर योजना बनाई जा रही है। बंदरों को पकड़ा जाएगा। वन विभाग इन्हें जंगल में छोड़ेगा। पुलिस, नगर निगम व वन विभाग की संयुक्त टीम बंदरों की रोकथाम के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा विशेषज्ञों की राय से काम होगा। विभागों से सुझाव भी मांगे गए हैं। उन्होंने कहा कि आगरा की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि है। यहां जो भी पर्यटक आता है वह अपने शहर आगरा की छवि के साथ देश की छवि भी साथ ले जाता है।
जन सुनवाई रोज 10 से 11 बजे तक
डीएम नवनीत सिंह चहल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी रोज सुबह 10 से 11 बजे तक कार्यालय में मौजूद रह कर जनसुनवाई करें। जनता से सौम्य, शालीन व्यवहार करें। शिकायत का गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण करें। जो अधिकारी आईजीआरएस व अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतेंगे उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं में जिले की रैकिंग सुधारने के निर्देश भी दिए हैं। बैठक में सीडीओ ए मनिकन्डन, एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन अजय कुमार सिंह, एडीएम प्रोटोकॉल हिमांशु गौतम आदि मौजूद रहे।