जिले में बिना मान्यता के संचालित हो रहे मदरसों का सर्वे शुरू हो गया है। सर्वे के दौरान दोनों मदरसे बिना मान्यता के संचालित हो रहे थे। इन मदरसों से मदरसों का 12 बिंदुओं पर निर्धारित प्रारूप पर मदरसे का नाम, मदरसा संचालित करने वाली संस्था का नाम, स्थापना वर्ष, मदरसे के भवन की स्थिति ( किराए का या निजी), अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की संख्या, शिक्षकों की संख्या, लागू पाठ्यक्रम, आय का स्रोत, मदरसे का भवन छात्र-छात्राओं के लिए उपयुक्त है या नहीं, पेयजल सुविधा, फर्नीचर, बिजली आपूर्ति के साथ ही मदरसों में पढ़ रहे छात्र अन्य विद्यालय में नामांकित ह्रैं या नहीं आदि जानकारी संग्रहित की गई।
कासगंज। जिले में बिना मान्यता के संचालित हो रहे मदरसों का सर्वे शुरू हो गया है। कासगंज में दो मदरसे बिना मान्यता के संचालित मिले। इन मदरसों का पूरा ब्यौरा संग्रहित कर लिया गया है। अब इनकी सूचना शासन को भेजी जाएगी। मदरसों के सर्वे से खलबली मच गई है।
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जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शालिनी रंजन, बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव यादव, एसडीएम पंकज कुमार एवं तहसीलदार अजय कुमार की टीम ने अशर्फियां तुल उलूम मदरसा ,जामा मस्जिद, मदीना मस्जिद चकैया के मदरसों का सर्वे किया। सर्वे के दौरान दोनों मदरसे बिना मान्यता के संचालित हो रहे थे। इन मदरसों से मदरसों का 12 बिंदुओं पर निर्धारित प्रारूप पर मदरसे का नाम, मदरसा संचालित करने वाली संस्था का नाम, स्थापना वर्ष, मदरसे के भवन की स्थिति ( किराए का या निजी), अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की संख्या, शिक्षकों की संख्या, लागू पाठ्यक्रम, आय का स्रोत, मदरसे का भवन छात्र-छात्राओं के लिए उपयुक्त है या नहीं, पेयजल सुविधा, फर्नीचर, बिजली आपूर्ति के साथ ही मदरसों में पढ़ रहे छात्र अन्य विद्यालय में नामांकित ह्रैं या नहीं आदि जानकारी संग्रहित की गई।
बिना मान्यता के संचालित दो मदरसों का सर्वे किया गया। इन मदरसों का 12 बिंदुओं पर ब्यौरा संग्रहित किया गया है। अभी जो मदरसे बिना मान्यता के चल रहे हैं उनका सर्वे किया जाएगा। सर्वे के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट शासन को जाएगी- शालिनी रंजन, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी