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अब तो जेल में भी बढ़ने लगा संक्रमण का खतरा, बढ़ाई संवेदनशीलता

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कासगंज। शहर से लेकर गांव तक अपने पैर पसार चुका संक्रमण अब जेल की दीवारों के पीछे भी पहुंच गया है। यहां पहले से चार कैदी संक्रमित थे जो आइसोलेट हैं। अब एक और नया कैदी संक्रमित पाया गया है जिसे अभिरक्षा में कोरोना अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। इधर जेल में संवेदनशीलता और भी बढ़ा दी गई है। अफसर बेहद गंभीर दिखाई दिए हैं।
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जिला कारागार में पुराने कैदियों के लिए नए कैदियों से खतरा न हो इसलिए नए कैदियों को 14 दिन के लिए अस्थाई जेल में रखा जाता है, लेकिन लगभग 7 दिन पहले 4 कैदी ऐसे पाए गए थे जो कोरोना से संक्रमित मिले। उन्हें जेल में ही आईसोलेट कर दिया गया है। इसके अलावा अब शनिवार को एक और नया कैदी कोरोना संक्रमण से घिरा पाया गया है। इसे जेल प्रशासन ने सुरक्षा के बीच कोरोना अस्पताल मामों में भर्ती करा दिया है। अब स्वास्थ्य विभाग की नोडल टीम द्वारा स्थिति स्पष्ट करने के बाद ही कैदी को जेल में प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा जेल प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि स्थाई जेल में कोई भी नया कैदी बिना आइसोलेशन के नहीं जाएगा। जो भी कैदी संक्रमित पाए जाएंगे आइसोलेट होंगे और जो नए कैदी अस्थाई जेल में रखे जाएंगे वह 14 दिन क्वॉरेंटाइन होंगे।
47 कैदियों की होगी पैरोल
कोरोना संक्रमण के कारण जेल में बंद कैदियों को अंतरिम जमानत देने के निर्देश शासन से मिल चुके हैं। वैसे तो अंडर ट्रायल 26 कैदियों की सूची अब तक तैयार हुई थी, लेकिन अब शर्तों के मुताबिक जेल प्रशासन ने 47 कैदियों की सूची तैयार उच्चाधिकारियों को और न्यायालय भेजी है। अब न्यायालय से आदेश मिलने के बाद उन्हें अंतरिम जमानत दे दी जाएगी।
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- जेल में संक्रमण के खतरे को लेकर बेहद संवेदनशीलता बरती जा रही है। एक कैदी को कोरोना अस्पताल भेजा गया है। जबकि चार आइसोलेट हैं। अंतरिम जमानत के लिए 47 कैदियों की सूची भेजी जा चुकी है- एके सगर, जेल अधीक्षक।
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रिपोर्ट एवं संपादन अजय झंवर
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