मैनपुरी। जिला अस्पताल में तीन साल से सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड की सुविधा मरीजों को नहीं मिल रही है। रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली होने के चलते सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। यहां आने वाले मरीजों को मेडिकल कॉलेज सैफई और आगरा के लिए रेफर किया जा रहा है। मजबूरन मरीजों को आसपास के जनपदों में जाकर प्राइवेट अस्पताल में जांच करानी पड़ रही है। जिला अस्पताल में डॉक्टरों के पद वर्षों से खाली पड़े हुए हैं।
रेडियोलॉजिस्ट के पद पर भी बीते तीन वर्ष से तैनाती नहीं हुई है। ऐसे में मरीजों को सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड का लाभ नहीं मिल रहा है। प्राइवेट में सीटी स्कैन कराने पर मरीजों को तीन से साढ़े तीन हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं अल्ट्रासाउंड के लिए भी पांच सौ से नौ से रुपये देने पड़ रहे हैं।
तीन साल में लिखे गए 12 पत्र
जिला अस्पताल में दर्ज रिकार्ड के अनुसार रेडियोलॉजिस्ट के लिए तीन साल में 12 बार उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर सूचना दी गई। बीच में एक रेडियोलॉजिस्ट को भेजा भी गया, लेकिन उन्होंने जिले में ज्वाइन नहीं किया।
पिछले कुछ महीनों से सिर दर्द से परेशान हूं। डॉक्टर ने सीटी स्कैन बताया था। जिला अस्पताल में व्यवस्था है नहीं, बाहर तीन हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। इसलिए सीटी स्कैन नहीं करा सकी।
गुड्डी देवी, गीतापुरम
सिर में अचानक तेज दर्द उठता है, चार महीनों से दवा ले रही हूं। डॉक्टर ने सीटी स्कैन की सलाह दी थी, लेकिन जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की व्यवस्था नहीं है। बाहर तीन हजार से साढ़े तीन हजार रुपये मांगे जा रहे हैं।
रानी देवी, दरीबा
बेटा बीमार है, जिसका डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने को कहा था। जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाया।
सुनील कुमार, नगला कीरत
छोटे भाई बीमार है, जिला अस्पताल में भर्ती है। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने को कहा। अस्पताल में व्यवस्था न होने के कारण 700 रुपये खर्च कर बाहर से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा
रवि कुमार, नगला कीरत
अस्पताल में अस्थाई रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। विशेष जरूरत पड़ने पर जिला महिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट से मेडिकोलीगल जांच आदि में मदद ली जाती है। सीटी स्कैन का संचालन बंद है, जिसके संबंध में लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
डॉ. आरके सागर, सीएमएस जिला अस्पताल