पुष्पांजलि गार्डेनिया निवासी अनुराधा जैन ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि उनकी सास दिवगंत कैलाश कुमारी जैन पत्नी पारसदास जैन ने वर्ष 2006 में लोहामंडी स्थित जमीन की वसीयत उनके नाम की थी। तभी से उनका कब्जा था। जेठ महावीर प्रसाद के बेटे मुकेश कुमार जैन और सुनित जैन लंबे समय से इस जमीन को हड़पना चाहते थे। वर्ष 2010 में सास ने अन्य वसीयत करके 20 फीसदी हिस्सा मेरे बेटे अरिहंत को दे दिया। इससे दोनों भाई रंजिश मान बैठे। इस जमीन पर कब्जा करने के लिए नवंबर 2024 में भी दोनों ने ताला तोड़ा था।
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इस घटना के बाद जेठ महावीर प्रसाद व जेठानी कौशल्या जैन ने पुलिस को शपथपत्र देकर शिकायत की थी कि उनके बेटों ने खाली स्टांप पेपरों पर वर्ष 2006 में मां कैलाश कुमारी के फर्जी हस्ताक्षर करके फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनवाई थी। आरोप है कि इस फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर मुकेश और सुनित ने अपनी मां से 29 साल का पट्टाभिलेख बनवाया। आरोप है कि इसके बाद दोनों ने कोर्ट में दावा पेश किया, जिसमें सास की फर्जी वसीयत इस्तेमाल की गई। एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी का कहना है कि जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की गई है। फर्जी तरीके से वसीयत बनवाने का आरोप है। साक्ष्य संकलन और विवेचना के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।