आगरा कॉलेज में प्रचार्य पद की रार के चलते शैक्षणिक सत्र पटरी से उतर गया है। आलम ये है कि नियमित कक्षाएं तक नहीं लग पा रही हैं। ये विवाद डेढ़ साल से चल रहा है।
आगरा कॉलेज में प्राचार्य पद की रार से शैक्षणिक सत्र पटरी से उतर गया है। शिक्षकों की गुटबाजी से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्राचार्य पद के लिए करीब डेढ़ साल से विवाद चल रहा है। इससे कक्षाएं अनियमित हो गई हैं।
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आगरा कॉलेज में विवाद की वजह से शिक्षक भी दो गुटों में बंट गए हैं। सीधा असर पढ़ाई पर पड़ रहा है। शोध कार्य प्रभावित है। छात्रों का कहना है कि दोनों गुटों के शिक्षक अपने पक्ष के हित में बैठक व अन्य कार्य में समय अधिक बिता रहे हैं। रोस्टर से पढ़ाई नहीं हो रही है। कक्षाएं भी अनियमित हैं। प्रवेश कार्य पिछड़ गया है।
छात्रों की पढ़ाई पर नहीं ध्यान
विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष गौरव शर्मा का कहना है कि शिक्षकों में गुटबाजी है और वे छात्रों के बजाय प्राचार्य बनाने के लिए पूरी शक्ति खर्च कर रहे हैं। छात्रों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
पढ़ाई को दें प्राथमिकता
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि आगरा कॉलेज में गुटबाजी से शिक्षक और छात्र दोनों का अहित हो रहा है। इस विवाद का पटाक्षेप हो और जो भी प्राचार्य पद संभाले, वह शैक्षणिक कार्य को प्राथमिकता पर रखे।
गरिमा हो रही प्रभावित
आगरा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. विनोद कुमार माहेश्वरी का कहना है कि लंबे समय से विवाद की वजह से पठन-पाठन पर प्रभाव पड़ा है। इससे कॉलेज की गरिमा भी प्रभावित हो रही है। इस विवाद का जल्द निराकरण करना जरूरी हो गया है।