फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: आगरा कॉलेज में ऐसी छिड़ी प्राचार्य पद की रार, शैक्षणिक सत्र भी पटरी से उतरा; नहीं लग रही नियमित कक्षाएं

Mon, 02 Dec 2024 10:06 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा कॉलेज में प्रचार्य पद की रार के चलते शैक्षणिक सत्र पटरी से उतर गया है। आलम ये है कि नियमित कक्षाएं तक नहीं लग पा रही हैं। ये विवाद डेढ़ साल से चल रहा है। 
 
विज्ञापन
आगरा कॉलेज Agra College - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा कॉलेज में प्राचार्य पद की रार से शैक्षणिक सत्र पटरी से उतर गया है। शिक्षकों की गुटबाजी से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्राचार्य पद के लिए करीब डेढ़ साल से विवाद चल रहा है। इससे कक्षाएं अनियमित हो गई हैं।
विज्ञापन


आगरा कॉलेज में विवाद की वजह से शिक्षक भी दो गुटों में बंट गए हैं। सीधा असर पढ़ाई पर पड़ रहा है। शोध कार्य प्रभावित है। छात्रों का कहना है कि दोनों गुटों के शिक्षक अपने पक्ष के हित में बैठक व अन्य कार्य में समय अधिक बिता रहे हैं। रोस्टर से पढ़ाई नहीं हो रही है। कक्षाएं भी अनियमित हैं। प्रवेश कार्य पिछड़ गया है।


ये भी पढ़ें -  UP: एसी कमरा, एलईडी टीवी और शानदार बेड...फाइव स्टार होटल की तरह सुविधाएं, जहां यातायात पुलिस दूर करेगी थकान
विज्ञापन




 

छात्रों की पढ़ाई पर नहीं ध्यान
विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष गौरव शर्मा का कहना है कि शिक्षकों में गुटबाजी है और वे छात्रों के बजाय प्राचार्य बनाने के लिए पूरी शक्ति खर्च कर रहे हैं। छात्रों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

ये भी पढ़ें -  UP: माथे पर तिलक और शरीर पर ऐसे निशान...मासूम की बेरहमी से हत्या, इस हाल में मिली लाश; कांप गए लोग


 

पढ़ाई को दें प्राथमिकता
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि आगरा कॉलेज में गुटबाजी से शिक्षक और छात्र दोनों का अहित हो रहा है। इस विवाद का पटाक्षेप हो और जो भी प्राचार्य पद संभाले, वह शैक्षणिक कार्य को प्राथमिकता पर रखे।

 
विज्ञापन

गरिमा हो रही प्रभावित
आगरा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. विनोद कुमार माहेश्वरी का कहना है कि लंबे समय से विवाद की वजह से पठन-पाठन पर प्रभाव पड़ा है। इससे कॉलेज की गरिमा भी प्रभावित हो रही है। इस विवाद का जल्द निराकरण करना जरूरी हो गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें