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सत्याग्रह के मंच पर हंगामा: दो गुटों में बंटे आंदोलनकारी, नाम लेने से शुरु हुआ विवाद, माइक की छीना-झपटी

Sat, 05 Sep 2026 10:00 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

ताजनगरी आगरा में संजय प्लेस स्थित शहीद स्मारक पर शनिवार को यूजीसी रोलबैक और आरक्षण में बदलाव की मांग को लेकर चल रहे सत्याग्रह में सुबह से ही हंगामा होता रहा।
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दो गुटों में बंटे आंदोलनकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ताजनगरी आगरा में संजय प्लेस स्थित शहीद स्मारक पर शनिवार को यूजीसी रोलबैक और आरक्षण में बदलाव की मांग को लेकर चल रहे सत्याग्रह में सुबह से ही हंगामा होता रहा। मंच पर नेतृत्व और जनप्रतिनिधियों के नाम लिए जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद माइक की छीना-झपटी और आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया। करणी सेना के पदाधिकारी राजीव चौहान ने उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल कर दिया। इसके बाद क्षत्रिय समाज से जुड़े लोग सत्याग्रह स्थल से चले गए और आंदोलन दो गुटों में बंट गया। शाम साढ़े सात बजे पुलिस ने सत्याग्रह पर बैठे सभी लोगों को गिरफ्तार कर रिजर्व पुलिस लाइन भेज दिया।

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विवाद की शुरुआत ब्राह्मण नेता पवन समाधिया और एक अन्य युवक के मंच से संबोधन के दौरान हुई। उन्होंने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से किसी दूसरे व्यक्ति से बातचीत न करने की बात कही और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पांच लोगों के नाम गिनाए। इस पर राजीव चौहान ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि पांचों नाम ब्राह्मण समाज से जुड़े हैं, जबकि सत्याग्रह में सभी समाजों के लोग शामिल हैं। इसी दौरान मंच से जिले के सवर्ण जनप्रतिनिधियों के नाम भी गिनाए गए। युवक ने कहा कि कोई भी विधायक सत्याग्रह में नहीं आया है। इसके बाद बाह विधायक रानी पक्षालिका का नाम लिए जाने और उनके संबंध में मंच से की गई कथित टिप्पणी को लेकर चौहान ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि क्षत्रिय समाज की भावनाओं की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। इसी दौरान उन्होंने योगेंद्र उपाध्याय के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया। दूसरे नेताओं ने उन्हें रोकने और माइक लेने की कोशिश की, जिससे मंच पर छीना-झपटी शुरू हो गई। चौहान बाद में मंच से नीचे आ गए और अपनी नाराजगी जताते रहे। इसके बाद क्षत्रिय महासभा से जुड़े लोग वहां से चले गए।

विवाद के बाद सत्याग्रह स्थल पर भीड़ कम होती गई। लोगों के बीच आंदोलन के नेतृत्व और मंच पर सभी समाजों के प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा होती रही। कुछ लोगों ने कहा कि नेताओं के आपसी विवाद से मूल मुद्दा कमजोर हो रहा है। इसी दौरान एक युवक ने तंज कसते हुए कहा कि नेता बनने चले थे, लेकिन चार लोग भी नहीं जुटा पाए। शाम साढ़े सात बजे पुलिस ने सत्याग्रह पर बैठे सभी लोगों को गिरफ्तार कर रिजर्व पुलिस लाइन भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि सत्याग्रह के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। अधिकारियों के अनुसार मुद्दा पूरे देश से जुड़ा है, केवल आगरा से नहीं, इसलिए बिना अनुमति इस तरह का प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। वहीं सत्याग्रह संयोजक अरुण उपाध्याय ने कहा कि पुलिस आयुक्त और अन्य संबंधित अधिकारियों को आंदोलन के बारे में पहले ही अवगत करा दिया गया था।
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शहीद स्मारक पर सवर्ण समाज का अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू
यूजीसी की आरक्षण व्यवस्था के विरोध और एससी-एसटी एक्ट समाप्त करने समेत चार मांगों को लेकर शनिवार को संजय प्लेस स्थित शहीद स्मारक पर सवर्ण समाज ने अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू किया। प्रदर्शन को देखते हुए शहीद स्मारक और संजय प्लेस क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही। स्पीड कलर लैब के पास से शहीद स्मारक की ओर जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग कर पुलिस तैनात की गई। इसके बराबर वाला रास्ता भी पुलिस ने बंद रखा।

आगरा सत्याग्रह के संयोजक अरुण उपाध्याय ने बताया कि कई जिलों से लोग सत्याग्रह में पहुंचे हैं। करणी सेना, सवर्ण समाज मंच, अखिल भारतीय क्षत्रिय सभा समेत अन्य संगठनों के लोग शामिल हैं। उनकी चार मांगों में यूजीसी का कानून वापस लेने, एससी-एसटी एक्ट खत्म करने, आरक्षण को जाति के बजाय आर्थिक आधार पर करने और सवर्ण आयोग के गठन की मांग शामिल है। उन्होंने कहा कि मांगों पर गंभीरता से विचार होने तक शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।

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