ट्रांस यमुना थाने में हुई चोरी का मामला भी इसी तरह हुआ। सात सितंबर की सुबह थाने के मुंशी आरक्षी कुशल पाल चौधरी रात्रि ड्यूटी खत्म कर पहली मंजिल पर बने अपने सरकारी आवास में आराम करने पहुंचे थे। उन्होंने वर्दी उतारकर टांग दी और सो गए। दोपहर में नींद खुली तो पेंट की जेब से पर्स गायब था।
पर्स में तीन हजार रुपये, डेबिट कार्ड, लाइसेंस, पुलिस कार्ड और अन्य दस्तावेज रखे हुए थे। आरोपी ने उनके डेबिट कार्ड से दो बार में एटीएम से 45 हजार रुपये निकाल लिए। सीसीटीवी फुटेज में सुबह नौ बजे एक युवक काले जूते और खाकी पेंट में थाने में दाखिल होता दिखाई दिया। उसकी पीठ पर बैग टंगा हुआ था। कुछ देर बाद वह मुंशी के कमरे से निकलते हुए नजर आया।
फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की और दो महीने बाद हरियाणा में दबिश देकर उसे शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए कई टीम लगाई गई थी। दो महीने बाद आरोपी बजीर सिंह पुलिस के हत्थे चढ़ा। उसके पास से 3 हजार नकद, कुशलपाल का पुलिस कार्ड व अन्य कागजात बरामद किए गए।
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