स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की छापेमारी
- फोटो : अमर उजाला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की छापेमारी
अागरा में स्वास्थ्य विभाग ने बोदला-सिकंदरा रोड स्थित बांकेबिहारी हास्पिटल और संस्कार हास्पिटल पर छापा मारा। मौके पर टीम को अस्पतालों में कोई डाक्टर नहीं मिला। मरीजों देखभाल हाईस्कूल-इंटरमीडिएट पास नर्सिंग स्टाफ कर रहा था।
मरीजों के विवरण का कोई लेखाजोखा नहीं था। बांकेबिहारी हास्पिटल को झोलाछाप चला रहा था तो संस्कार हास्पिटल में बीएएमएस इलाज कर रहा था। दोनों ही हास्पिटल में जिनके नाम से स्वास्थ्य विभाग में ये पंजीकृत थे, वह भी नहीं मिले।
एसीएमओ ने फोन पर बात करनी चाही तो नंबर नहीं लगा। हास्पिटल संचालकों को यहां से मरीज शिफ्ट करने के लिए कहा है। छापा मारने गई टीम के प्रभारी एसीएमओ डॉ. अजय कपूर ने बताया कि संस्कार हास्पिटल में बीएएमएस और बांकेबिहारी अस्पताल में झोलाछाप मौके पर मिले।
इनको नोटिस दिया गया है कि जब तक चिकित्सकों के शपथ पत्र नहीं मिलते, इलाज नहीं किया जाए। यहां भर्ती मरीजों को 24 घंटे में शिफ्ट करने के लिए कहा है।
इस हाल में थे हास्पिटल
संस्कार हास्पिटल: ये हास्पिटल बेसमेंट में चल रहा था। इसका पंजीकरण डॉ. विवेक शर्मा के नाम पर था। खुद मौके पर नहीं थे। यहां बीएएमएस प्रभात यादव इलाज करते हुए मिले। यहां दो मरीज भर्ती थे।
नीतू पत्नी नरेश जिसका आपरेशन से प्रसव कराया गया था। बोदला का बलुआ भी भर्ती था। आईसीयू की हालत बेहद खराब थी। कार्डियक मॉनीटर खराब थे। अस्पताल में अग्निशमन उपकरण नहीं थे। बायोवेस्ट का निस्तारण भी ठीक ढंग से नहीं हो रहा था।
बांकेबिहारी अस्पताल: ये हास्पिटल डॉ. श्रेयसी वक्स के नाम से पंजीकरण था। ये भी मौके पर नहीं थी। इसका संचालन झोलाछाप ललित सिंह कर रहा था। यहां तीन मरीज भर्ती मिले।
मोहिनी देवी मिढाकुर के बच्चेदानी का आपरेशन हुआ था। अछनेरा की नत्थो देवी रही तो तीसरी मरीज किरावली की निर्मला देवी थी। इनका पथरी का आपरेशन किया जाना था। छत पर बायो मेडिकल वेस्ट का ढेर लगा।
चौथे दिन दिव्यांशी हास्पिटल किया सील
आखिरकार स्वास्थ्य विभाग ने चौथे दिन दिव्यांशी हास्पिटल को सील कर दिया। यहां टीम ने नोटिस भी चस्पा किया है, जिसमें चेतावनी दी है कि सील किए परिसर में किसी तरह की चिकित्सकीय कार्य किया नहीं किया जाए।
दरअसल, गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग ने यहां छापा मारकर आपरेशन थिएटर सील कर दिया था। ये पंजीकृत नहीं था। इनके संचालक को 24 घंटे का समय मरीजों की शिफ्टिंग के लिए दिया था।
निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम बांकेबिहारी हास्पिटल की छत पर पहुंचे। यहां एक कोने में बायोमेडिकल वेस्ट पालीथिन में भरा हुआ था तो एक कोने का हाल देख टीम भी दंग रह गई।
यहां शराब की बोतल, नमकीन के पैकेट और गिलास पड़े हुए मिले। बोतलों की संख्या दो-तीन थी। इससे साबित हो रहा था कि अस्पताल परिसर में बेधड़क शराब भी पी जाती थी।