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UP: देश में 65 फीसदी खाद्य तेल का आयात...सरसों के तेल के साथ हो रहा भेदभाव, कारोबारियों ने सरकार से की ये मांग

Sun, 23 Mar 2025 10:24 AM IST
अरुन पाराशर अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में रबी तेल-तिलहन सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें कारोबारियों ने खाद्य तेल कारोबार की चुनाैतियों के बारे में मंथन किया। बताया कि स्वास्थ्य के लिए बेहतर होने के बाद भी सरसों के तेल से किस तरह भेदभाव हो रहा है।
 
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सेमिनार में अपने विचार रखते कारोबारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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सरसों के तेल की खपत 200 लाख टन है, लेकिन सालाना उत्पादन महज 45 लाख टन ही है। सरसों की वाजिब कीमत अगर किसान को मिले तो पैदावार के साथ उत्पादन बढ़ेगा। उद्यमियों के करोड़ों रुपये के जीएसटी रिफंड फंसे हुए हैं। उन्हें वह मिलें तो सरसों के तेल की धार देखी जा सकती है।
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ताज कन्वेंशन सेंटर में शनिवार से शुरू हुए रबी तेल-तिलहन सेमिनार में दि सेंट्रल आर्गेनाइजेशन फॉर ऑयल इंडस्ट्री एवं ट्रेड (कुईट) के चेयरमैन सुरेश नागपाल ने ये मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि देश में 65 फीसदी खाद्य तेल आयात करना पड़ रहा है। आयात कम हो, उत्पादन बढ़े, इसके लिए नीति बनाने की जरूरत है।

पाम ऑयल का आयात कम हो इसके लिए सरसों के तेल की ब्रांडिंग की जाएगी। इसके फायदे गिनाए जाएंगे। सेमिनार में पहले दिन कुमार कृष्ण गोयल, विनोद राजपूत, अनिल छतर, अजय झुनझुनवाला, गजेंद्र झा, महेश गोयल, सुनील गोयल, एसके जैन, दीपक गुप्ता, नरेश करीरा, रमन जैन, राजीव गुप्ता, मनीष अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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इन चुनौतियों से जूझ रहा उद्योग
सुरेश नागपाल ने कहा कि सरकार को जीएसटी रिफंड का प्रावधान करना चाहिए। तेल उत्पादकों को सेट ऑफ दिया जा रहा है, जबकि करोड़ों रुपये जीएसटी रिफंड में फंसे हैं। एक समान नियम बनाए जाएं। एक ब्रांड 770 ग्राम तेल का पैक दे रहा है तो दूसरा 850 तो तीसरा 910 ग्राम का। कम वजन वाले की कीमत कम है, पर ग्राहक इसे नहीं समझ पाते। एक निर्धारित मात्रा की पैकिंग के नियम बनाए जाएं। खाद्य सुरक्षा के मानकों पर भरे जा रहे नमूनों के केस उस जगह शिफ्ट किए जाएं, जहां उत्पादन हो रहा है। पूरे देश में नमूने लेकर मुकदमों को एक जगह शिफ्ट किया जाए।

सरकार से मदद की जरूरत
राष्ट्रीय संयोजक दिनेश राठौर ने कहा कि सरकार की मदद मिले तो देश को एक अच्छा खाद्य उत्पाद मिल सकता है। सरकार विदेशी तेल पाम ऑयल और सोयाबीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए सब्सिडी देती है, लेकिन सरसों तेल के साथ भेदभाव बरता जाता है। सरसों तेल में ओमेगा-6 होता है जो बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। खाद्य तेल में कोल्ड प्रेस्ड तेल सबसे अच्छा माना जाता है। सिर्फ सरसों तेल ही है जो इस मानक पर खरा उतरता है।

उत्पादक नहीं, पैकर्स पर हो कार्रवाई
उत्तर प्रदेश ऑयल मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि एफएसएसएआई की कार्रवाई की चपेट में रिटेलर और उत्पादक दोनों आ जाते हैं। सरकार से मांग की जाएगी कि पैकर्स पर कार्रवाई करें। कोई भी तेल मिलर अपने उत्पादन में मिलावट करके अपनी गुणवत्ता या नाम को खराब नहीं करता। मिलावट पैकिंग के स्तर पर होती है। मोपा के अध्यक्ष बाबूलाल ने कहा कि छह साल बाद आगरा को सेमिनार करने का मौका मिला है। खाद्य तेलों में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रविवार को मंथन किया जाएगा।

आज लोकसभा अध्यक्ष करेंगे उद्घाटन
एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने बताया कि रविवार को सेमिनार का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल सुबह 10 बजे करेंगे। वरिष्ठ उपाध्यक्ष भरत भगत ने बताया कि सरकार की नीतियां बदलें तो आयात की जगह खाद्य तेल का निर्यात करने में सक्षम हो सकते हैं। संयुक्त उपाध्यक्ष कुमार कृष्ण गोयल ने बताया कि उद्योग की चुनौतियों को रखा जाएगा।
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