एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में आए मरीज
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पारा चढ़ने के साथ साथ उल्टी-दस्त और वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। एसएन मेडिकल कालेज की मेडिसिन और बाल रोग विभाग की ओपीडी में उल्टी-दस्त के 15 से 20 फीसदी तक मरीज बढ़ गए हैं।
एसएन की मेडिसिन विभाग में औसतन 500-600 मरीज आ रहे हैं। सबसे ज्यादा उल्टी-दस्त, पेट दर्द के मरीज ज्यादा हैं। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. पीके माहेश्वरी बताते हैं कि गर्मी बढ़ने से पेटजनित बीमारियां ज्यादा होती हैं, तापमान जैसे-जैसे बढ़ रहा है। पेट दर्द, उल्टी-दस्त, बुखार के मरीज बढ़ने लगे हैं।
बाल रोग विभाग का भी यही हाल है। सोमवार को 260 मरीज रहे, इनमें से 20 फीसदी मरीज डायरिया से पीड़ित मिले। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज यादव ने बताया कि गर्मी बढ़ने पर बच्चों में डायरिया के ज्यादा मामले आ रहे हैं। इनमें दो से पांच गंभीर हालत में रहते हैं। उल्टी-दस्त होने पर बच्चे को ओआरएस का घोल पिलाएं और चिकित्सक को दिखाएं।
डायरिया की ये है खतरनाक स्थिति :
- बार-बार दस्त और उल्टी होना
- होठ और जीभ सूख जाना
- आंखें बैठ जाना
- त्वचा शुष्क होना, चमक गायब होना
- पेशाब कम आना या फिर रुक जाना
ये बरतें सावधानी:
- बच्चों को सुबह-शाम ही बाहर खेलने दें।
- धूप में जाते वक्त शरीर को ढकें।
- खूब पानी पिएं, बाहर का खाना खाने से बचें।
- दही, खिचड़ी, दलिया खाने में ज्यादा खाएं।
- चिकनाई और चटपटे भोजन से बचें।
- हरी सब्जी, सलाद का भरपूर प्रयोग करें।
तेज धूप से त्वचा रोग के बढ़े मरीज
- तेज धूप से त्वचा रोग विभाग में भी मरीजों की संख्या 15 फीसदी तक बढ़ी है। यहां लाल दाने, चकत्ते, खुजली, काले धब्बे की शिकायत लेकर मरीज आ रहे हैं। त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि धूप में रहने वाले, कामकाजी युवाओं की संख्या अधिक है। धूप, पसीना और धूल से फंगल इन्फेक्शन के मरीज भी आ रहे हैं। सन क्रीम लगाएं और शरीर को ढककर बाहर निकलें।