आगरा के शमसाबाद में 800 केवी हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट ट्रांसमिशन लाइन (एचवीडीसी) के लिए सबस्टेशन बनाने का काम लगभग पूरा हो गया है। देश की पहली एचवीडीसी लाइन 800/765 केवी को सुदूर नार्थ ईस्ट के विश्वनाथ चिरियाली से 1800 किमी दूर सीधे आगरा लाया गया है। इस लाइन को बिछाने का काम पूरा हो गया है।
इस तकनीक के जरिये बिना लाइन लॉस के छह हजार मेगावाट बिजली भूटान के बॉर्डर से लाई जाएगी। ये लाइन इतनी हाईटेक है कि इसे ‘तकनीकी ताजमहल’ की संज्ञा दी गई है। इसे देखने के लिए स्विट्जरलैंड की प्रधानमंत्री डॉरिस ल्यूटहार्ड एक सितंबर को आगरा आ रही हैं। दो अगस्त को वहां के एंबेसडर डा. एंड्रेस बोम अपनी एडवांस टीम के साथ सबस्टेशन देखने आएंगे।
शमसाबाद रोड स्थित पॉवर ग्रिड कारपोरेशन के सबस्टेशन के लिए 35 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की गई थी। वर्तमान में यहां पॉवर ग्रिड का 400 केवी सबस्टेशन है। उसी का विस्तार करके इसे 800 केवी में बदला जा रहा है। नार्थ ईस्ट से आगरा तक 800 केवी की अलग लाइन आ रही है। ये तीन जगह ट्रांसमिशन करेगी। वेस्टर्न, नार्दन और ईस्टर्न ग्रिड को इसी सबस्टेशन के जरिये नेशनल ग्रिड से जोड़ा जाएगा।
यह लाइन स्विट्जरलैंड की तकनीकी पर डाली गई है। इस काम को वहीं की एबीबी कंपनी ने किया है। पॉवर ग्रिड के अधिकारियों का कहना है कि इतनी हाईटेक और इतनी लंबी लाइन दुनिया में कहीं नहीं है। इसलिए इसे ‘तकनीकी ताजमहल’ कहा गया है। एचवीडीसी के डिप्टी जनरल मैनेजर केके प्रूस्ति ने स्विट्जरलैंड की प्रधानमंत्री और इससे पहले वहां के एंबेसडर के आने का कार्यक्रम जिलाधिकारी के यहां भेजा है।