कासगंज। जिले में डिप्थीरिया का संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा। शनिवार को दो और बच्चे इस बीमारी से संक्रमित मिले। इनमें एक बच्चा तारापुर नसीर गांव का है। जबकि एक बच्चा कासगंज क्षेत्र का है। तारापुर नसीर में लगातार बच्चों के मिलने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई है।
तारापुर नसीर गांव में नीतेश में डिप्थीरिया के लक्षण पाए जाने पर उसे जिला अस्पताल भेजा गया। इस गांव के हालत काफी खराब हैं। गांव में 11 बच्चों में अब तक डिप्थीरिया से संक्रमित मिल चुकें हैं। इसके अलावा तीन बच्चों की मौत भी हो चुकी है। कासगंज निवासी साक्षी में भी डिप्थीरिया के लक्षण मिले हैं। उसे भी उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। लगातार बच्चों में डिप्थीरिया का संक्रमण मिलने पर परिवार के सदस्यों के साथ स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी है।
इस तरह से लगता है डिप्थीरिया का टीका
डीपीटी के तीन टीके एक साल के बच्चे को लगते हैं। इसके बाद, डेढ़ साल पर चौथा टीका और चार साल की उम्र पर पांचवां टीका लगता है। 10 वर्ष की उम्र में बच्चों को दोबारा डिप्थीरिया का टीका लगवाना चाहिए। आखिरी टीका 16 साल की उम्र पर लगाया जाता है।
ये हैं डिप्थीरिया के लक्षण
- गले में दर्द
- कमजोरी या थकान
- बुखार
- गर्दन की ग्रंथियों में सूजन
- नाक और गले में ऊतकों के अवरोध के कारण सांस लेने में समस्या होना
- निगलने में कठिनाई
- बैक्टीरिया के रक्तप्रवाह में प्रवेश करने पर तंत्रिका, गुर्दे या हृदय संबंधी समस्याएं होना
टीकाकरण न कराने या फिर टीके पूरे न लगवाने से डिप्थीरिया संक्रमण का खतरा बना रहता है। जिन क्षेत्रों में मामले सामने आ रहे हैं वहां टीम भेजकर टीकाकरण का कार्य कराया जा रहा है।- डॉ. राजीव अग्रवाल, सीएमओ