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UP News: आगरा में जहां से गुजरेगी राम बरात...ठीक दो दिन पहले उसी मार्ग पर गिरा जर्जर मकान, मजदूर की मौत

Fri, 27 Sep 2024 12:01 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेवर्क, आगरा

सार

आगरा की राम बरात जिस मार्ग से गुजरेगी, उसी मार्ग पर ठीक दो दिन पहले जर्जर मकान गिर गया। मकान के मलबे में दबकर मजदूर की मौत हो गई। तीन को मलबे से बचाया गया। 
 
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गिरा मकान। संवाद
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विस्तार
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रामबरात से ठीक दो दिन पहले पुराने शहर के फुलट्टी बाजार में जर्जर मकान ढह गया। छज्जे पर खड़े मजदूर की नीचे गिरने से मौत हो गई, जबकि तीन लोग मलबे में दब गए। इन्हें पड़ोसियों और अन्य मजदूरों ने बाहर निकालकर बचा लिया। इस जर्जर मकान को भवन मालिक नगर निगम का नोटिस मिलने के बाद तुड़वा रहा था।
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बुधवार की रात 1:30 बजे फुलट्टी बाजार में अचार वाली दुकान के पास हादसा हुआ। रामबरात के रूट पर मौजूद इस जर्जर मकान के मालिक रिंकू वर्मा नगर निगम का नोटिस मिलने के बाद इसे तुड़वा रहे थे। गढ़ी चांदनी, एत्माद्दौला निवासी पप्पू कश्यप अपने साथियों के साथ जर्जर मकान को तोड़ रहे थे, तभी छज्जे पर खड़े मजदूर पप्पू कश्यप छज्जा ढहने से नीचे गिर पड़े। मलबे में दबने से उनकी मौत हो गई।

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उनके साथ तीन अन्य मजदूर भी मलबे में दब गए। पड़ोसियों और अन्य मजदूरों ने उन्हें मलबे से बाहर निकाला। पुलिस की मदद से मलबा हटवाया गया, लेकिन तब तक पप्पू कश्यप की मौत हो गई। अन्य मजदूरों को अस्पताल भिजवाया गया।

 

49 भवनों को नोटिस जारीराम बरात शनिवार को मन:कामेश्वर मंदिर से शुरू होकर पुराने शहर में भ्रमण करती हुई कोठी मीना बाजार मैदान पहुंचेगी। पुराने शहर में 49 ऐसी जर्जर इमारतों को नगर निगम ने चिह्नित किया है जो गिरासू हैं और उनके छज्जे बेहद जर्जर हो चुके हैं। नगर निगम के चीफ इंजीनियर बीएल गुप्ता ने बताया कि सर्वे के बाद यहां लाल निशान लगा दिए हैं और छज्जों पर लोगों के खड़े होने से रोकने के लिए भवन मालिक को नोटिस भी जारी किए हैं। जर्जर भवनों को तोड़ने के लिए भी कहा गया है। इस बार बारिश के बाद पुराने शहर में 12 मकान ध्वस्त हो गए थे, जबकि जिले में 425 से ज्यादा मकान ढह चुके हैं।

 
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सुरक्षा के बिना तोड़ी गई इमारत
क्षेत्रीय पार्षद रवि माथुर ने बिाया कि जर्जर इमारत को बेहद असुरक्षित तरीके से तोड़ा जा रहा था। मजदूरों के पास न रोशनी थी, न रस्से उपलब्ध कराए गए थे। इमारत कहां गिरेगी, इसका आकलन भी नहीं किया गया। बिल्डिंग गिराने वाले ठेकेदार अजीत को पड़ोसियों ने सुरक्षा बरतने के लिए कहा था, लेकिन उसने सुना ही नहीं। घनी आबादी के बीच जर्जर इमारत के गिरने से पड़ोसियों की छत पर भी मलबा गिरा है।
 
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