संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। फिरोजाबाद के जसराना के गांव दिहुली में 44 साल पहले हुई 24 दलितों की सामूहिक हत्या में मंगलवार को एडीजे विशेष डकैती इंदिरा सिंह की कोर्ट से तीन दोषियों की सजा पर सुनावाई होगी।
सोमवार को अदालत में दोषी रामपाल भी पेश हो गया। अदालत ने उसे जेल भेज दिया है। आज इन तीनों को जेल से कोर्ट लाया जाएगा। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी। इस बहुचर्चित प्रकरण में दोषियों की सजा पर न सरकार तक की निगाह है।
सोमवार दोपहर को रामपाल कोर्ट में पेश हुआ। रामपाल ने 11 मार्च को अदालत में हाजिरी माफी की अर्जी दी थी, जिसे कोर्ट ने निरस्त करते हुए उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे।
इसके बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में लगी थी। मगर, रामपाल खुद ही कोर्ट में हाजिर हो गया।
मंगलवार को अदालत से दोषी कप्तान सिंह, रामसेवक, रामपाल को सजा सुनाई जाएगी।
रामसेवक और कप्तान सिंह हत्या, जानलेवा हमला, घातक हथियारों से लैस होकर उपद्रव करना, गैरकानूनी सभा या विधि विरुद्ध जमावड़ा, किसी के घर में घुसकर अपराध को अंजाम देना, गृह अतिचार और रामपाल को आपराधिक षड्यंत्र करना, हत्या करना, अपराधियों को शरण देने की धाराओं में कोर्ट दोषी करार दे चुकी है।