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सभी वर्षों के चार्टों का डिजिटलाइजेशन प्राथमिकता: प्रो. विनय

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आगरा। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बृहस्पतिवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी वर्षों के चार्टों का डिजिटलाइजेशन उनकी प्राथमिकता रहेगा। सभी छात्र-छात्राओं का डाटा एक प्लेटफार्म पर आ जाएगा। उनके प्रमाणपत्रों के सत्यापन प्रक्रिया आसान हो जाएगी। विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
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चार्टों को डिजिटलाइजेशन के बाद अंकों में बदलाव की भी कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। चार्ट डिजिटलाइज्ड न होने से बीएड सत्र 2004-05, बीएड सत्र 2012-13 में चार्टों के अंकों में छेड़छाड़ का मामला सामने आया। चार्ट में छात्र-छात्राओं के परीक्षा के अंक मैनुअल चढ़ाए गए हैं। चार्ट के अंक ही अंतिम माने जाते हैं। सत्र 2015-16 के पहले के चार्ट डिजिटलाइज नहीं हैं। जबकि विश्वविद्यालय में कंप्यूटराइजेशन की व्यवस्था वर्ष 2000 में हो गई थी। चार्ट डिजिटलाइज्ड न होने से छात्र-छात्राओं के प्रमाणपत्रों के सत्यापन में लंबा समय लग जाता है। उन्होंने कहा कि कॉलेजों की संबद्धता की व्यवस्था को भी पारदर्शी बनाया जाएगा। बृहस्पति भवन में आयोजित वार्ता के दौरान विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर मौजूद रहे।
प्रभारी कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी कॉलेजों की जिओ टैगिंग कराई जाएगी। इसमें कॉलेजों से जुड़ी सभी जानकारी होगी। कॉलेज में कितने कक्ष, प्रयोगशाला व अन्य संसाधन हैं। छात्र-छात्राओं की संख्या के साथ अनुमोदित शिक्षकों की जानकारी आदि भी होगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का सही से क्रियान्वयन, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार पर भी उनका जोर रहेगा। यह भी प्रयास किया जाएगा कि छात्र-छात्राओं को डिग्री और मार्कशीट के लिए परेशान न होना पड़े।
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प्रभारी कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने पहले ही दिन विश्वविद्यालय के आवासीय संस्थानों के डीन, निदेशक और विभागाध्यक्षों के साथ जुबली हॉल में बैठक की। विश्वविद्यालय के सिविल लाइंस परिसर में 44 करोड़ की लागत से बने नए संस्कृति भवन में संबधित संस्थानों व विभागों को तत्काल रूप से स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। ललित कला संस्थान, इतिहास एवं संस्कृति विभाग और इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट (आईटीएम) को स्थानांतरित किया जाना है। शुक्रवार से इस दिशा में काम करने के लिए कहा।
बैठक में प्रभारी कुलपति ने कहा कि सभी संस्थानों और विभागों में रोजगारपरक स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम शुरू किए जाएं। जिसमें प्लेसमेंट की संभावना अधिक हो। अभी तक विश्वविद्यालय के अधिकतर संस्थानों व विभागों में परास्नातक स्तर के पाठ्यक्रम संचालित हैं।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर ने बताया कि प्रभारी कुलपति ने शुक्रवार को सुबह 11 बजे जुबली हॉल में सभी नियमित तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की बैठक बुलाई है। इसके बाद सभी राजकीय व एडेड कॉलेजों और कुछ सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ बैठक करेंगे। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के अलावा परीक्षा कार्यक्रम जारी करने पर चर्चा की जाएगी। शुक्रवार शाम तक या फिर शनिवार तक परीक्षा का कार्यक्रम जारी होना है।
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