आगरा के जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे मशीन सात दिन से खराब पड़ी है, जिससे 20-30 फीसदी मरीज बिना जांच कराए लौटने को मजबूर हैं। पोर्टेबल मशीन से एक्सरे किए जा रहे हैं, जबकि अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को चार-पांच घंटे इंतजार और कई को अगली तारीख मिल रही है।
आगरा जिला अस्पताल में भी सोमवार को मरीजों की भारी भीड़ रही। एक्सरे कराने के लिए मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। डिजिटल एक्सरे मशीन सात दिन में भी ठीक नहीं हो सकी है। 20-30 फीसदी मरीज बिना जांच कराए ही लौट गए हैं। हालत यह रही कि अल्ट्रासाउंड के लिए भी मरीजों को चार-पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
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जिला अस्पताल में सोमवार को करीब तीन हजार मरीज इलाज कराने आए। एक्सरे कराने के लिए भी 200 से अधिक मरीज पहुंचे थे। डिजिटल मशीन ठीक नहीं होने के कारण पोर्टेबल से एक्सरे किए गए। मरीजों की भीड़ अधिक होने के कारण तीन बजे तक एक्सरे कराए गए। प्रमुख अधीक्षिका डॉ. सुनीता राठौर ने बताया कि पोर्टेबल मशीन से अधिकांश मरीजों के एक्सरे कराए हैं। सोमवार को 148 मरीजों के एक्सरे हुए हैं। डिजिटल एक्सरे मशीन ठीक कराई जा रही है, इसका एक पुर्जा विदेश से आना है।
अल्ट्रासाउंड के लिए दी जा रही आगे की तारीख
अल्ट्रासाउंड के लिए भी मरीजों को कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। रोजाना यहां पर करीब 100 मरीज जांच कराने आ रहे हैं, इनमें से औसतन 70-80 की जांच हो रही है, बाकी को आगे की तारीख दी जा रही है। प्रमुख अधीक्षिका का कहना है कि सोमवार को मरीजों की भीड़ अधिक होने के कारण देरी हुई है।