आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में इस सत्र परीक्षाओं के बाद मूल्यांकन व्यवस्था में बदलाव किया गया है। पहली बार उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन किया जा रहा है। इसके लिए विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद (खंदारी) परिसर में दो डिजिटल मूल्यांकन केंद्र स्थापित किए गए हैं।
प्रयोगात्मक परीक्षा समिति के प्रो. अनिल गुप्ता ने बताया कि यह व्यवस्था विश्वविद्यालय में पहली बार लागू की गई है। हालांकि, पूर्व में मेडिकल पाठ्यक्रमों की चेकिंग डिजिटल के तहत की गई है। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पारदर्शिता ढंग से होगी और गुणवत्ता बेहतर होगी।
इन पाठ्यक्रमों की हो रही डिजिटल जांच
दिसंबर 2025 की परीक्षाओं के अंतर्गत जिन पाठ्यक्रमों का डिजिटल मूल्यांकन किया जा रहा है इनमें बीबीए, बीसीए, बीए, बीएससी, बीएससी कृषि, पीजीडीबीएम, एमबीए, एमसीए, एमएससी कंप्यूटर साइंस, एमएससी कृषि हैं। इन सभी पाठ्यक्रमों के प्रथम, तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर की उत्तर पुस्तिकाएं डिजिटल रूप से जांची जा रही हैं।
डिजिटल मूल्यांकन के लिए बनाए गए केंद्र
- विश्वविद्यालय कंप्यूटर केंद्र, स्वामी विवेकानंद परिसर, खंदारी
- कंप्यूटर लैब, आईईटी, स्वामी विवेकानंद परिसर, खंदारी
80 हजार उत्तर पुस्तिकाएं, 5 फरवरी समय सीमा
प्रो. अनिल गुप्ता ने बताया कि कंप्यूटर केंद्र में बीबीए और बीसीए पाठ्यक्रमों को मिलाकर लगभग 1,60,000 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है। इसके लिए 5 फरवरी की अंतिम तिथि तय की गई है, ताकि छात्रों के परिणाम समय पर घोषित किए जा सकें।