आगरा के सिकंदरा निवासी बुजुर्ग को एटीएस अधिकारी बनकर आतंकियों से संबंध होने का डर दिखाया गया और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 72.74 लाख 90 हजार रुपये ठग लिए गए। आरोपियों ने गिरफ्तारी और संपत्ति जब्त करने की धमकी देकर रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराई। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आगरा के सिकंदरा क्षेत्र निवासी बुजुर्ग विनोद कुमार श्रीवास्तव को साइबर ठगों ने एटीएस अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट किया और 72.74 लाख रुपये ठग लिए। आतंकवादियों से संबंध होने का डर दिखाकर उन्हें परिवार सहित डिटेंशन सेंटर भेजने और मकान, संपत्ति व बैंक खाते फ्रीज करने की धमकी दी गई। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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विनोद कुमार ने बताया कि 21 अगस्त 2026 को उन्हें अंजान नंबर से एक काल आई। कॉल करने वाले ने खुद को आगरा पुलिस लाइंस से बात करने का दावा किया। बताया कि एटीएस अधिकारी उनसे बात करना चाहते हैं। इसके बाद फोन करने वालों ने आरोप लगाया कि उनके आधार कार्ड पर आईसीआईसीआई बैंक, कर्नाटक में आतंकवादियों का खाता खुला है, जिसमें 3.50 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। इसके बदले उन्हें 35 लाख रुपये कमीशन मिलने की बात कही गई।
आरोपियों ने गिरफ्तारी और संपत्ति जब्त करने का भय दिखाकर उनकी एफडी और आरडी की जानकारी हासिल कर ली। एफडी तुड़वाकर बचत खाते में रकम जमा कराने के बाद अलग-अलग खातों में रुपये ट्रांसफर कराए। पीड़ित के मुताबिक, 27 अगस्त से 18 सितंबर के बीच मित्तल ट्रेडिंग के खाते में 22.80 लाख, ऑटोटेक एंटरप्राइजेज में 3.51 लाख, अर्बन कबाड़ सॉल्यूशंस एलएलपी में 30.40 लाख और कैफे बक्स के खाते में 16.03 लाख रुपये भेजे गए। कुल रकम 72,74,900 रुपये है।
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तीन दिन तक नहीं करने दी परिजन से बात
आरोपियों ने 21 अगस्त से 23 सितंबर तक अलग-अलग मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप कॉल कीं और पत्नी व बेटों को भी इसकी जानकारी न देने की हिदायत दी। बाद में बेटे को बताकर पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।