आगरा और मथुरा पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण शहर हैं। पर्यटकों की सुरक्षा पुलिस के लिए अहम है। पर्यटकों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। पुलिसिंग को और बेहतर बनाया जाएगा। किसी तरह की कमी होगी तो उसे दूर करने के प्रयास होंगे। यह कहना है नवागत डीआईजी अजय मोहन शर्मा का। उन्होंने शनिवार शाम को आगरा में पदभार ग्रहण कर लिया है।
मूलरूप से मेरठ के सूरज कुंड रोड के रहने वाले डीआईजी अजय मोहन शर्मा 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। आगरा आने से पहले वे डीआईजी रेंज झांसी थे। वे मऊ, रायबरेली, कासगंज, फीरोजाबाद, एटा, शामली में एसपी रहे हैं। 2011 में सीतापुर में पीएसी बटालियन में कमाडेंट थे। इसके बाद 2012-13 में एटा के एसएसपी रहे। 2014 में यातायात निदेशालय के डिप्टी डायरेक्टर भी रहे। डीआईजी ने बताया कि आगरा में ताजमहल देखने हर रोज हजारों पर्यटक आते हैं। वीआईपी मूवमेंट भी रहता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा अहम है। मथुरा में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि आगरा और मथुरा से दूसरे राज्यों की सीमा लगी है। इसको देखते हुए राज्यों की सीमा पर पुलिस चेकिंग बढ़ाई जाएगी, जिससे अपराध कंट्रोल किया जा सके। पुलिस की प्राथमिकता में अपराध नियंत्रण और शांति व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए लगातार प्रयास किए जाते रहेंगे। लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं के समाधान के प्रयास किए जाएंगे। शहर में जाम की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए हरंसभव प्रयास होंगेे।