फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस की पाठशाला में डीआईजी बोले झिझक खोलें, चुप्पी तोड़ें और खुलकर बोलें

Thu, 01 Nov 2018 11:30 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
पुलिस की पाठशाला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

आगरा में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला इस बार डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी कैंपस स्थित जेपी सभागार में लगी। शिक्षक की भूमिका में रहे डीआईजी लव कुमार। उन्होंने यूनिवर्सिटी मॉडल स्कूल के छात्र-छात्राओं को न केवल पुलिसिंग के बारे में बताया बल्कि उनके सवालों के जवाब भी दिए। कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित ने विद्यार्थियों को जीवन में सफल होने के मंत्र दिए।

विज्ञापन


डीआईजी लव कुमार ने छात्राओं से कहा कि अगर कोई उन्हें परेशान करता है, छेड़खानी करता है, तो न चुप रहने की जरूरत है, न सहने की, खुलकर बोलें, पुलिस आपसे साथ है। उन्होंने कहा कि वीमेन पॉवर लाइन 1090 पर समस्या बतानें में झिझकें नहीं, आपकी पहचान गोपनीय रखी जाती है। 

अपराध संबंधी कोई भी जानकारी देनी हो तो 100 नंबर मिलाएं, यह धारणा गलत है कि इस नंबर पर फोन लगता नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि बगैर डीएल के छात्र-छात्राएं वाहन न चलाएं। जब भी चलाएं तो हेलमेट जरूर पहनें। सोशल मीडिया के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की सलाह दी। कहा कि कोई मेसेज आपके पास व्हाट्स एप और फेसबुक पर भड़काऊ संदेश आता है तो इसे फॉरवर्ड नहीं करना है।

विज्ञापन

पुलिस की पाठशाला । - फोटो : अमर उजाला
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित ने कहा कि हम अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों का पालन करें। प्राचीन काल की बात करते हुए कहा कि अपने यहां न कोई राजा था, न कोई राज्य था। न कोई दंड देने वाला था और न ही कोई दंड लेने वाला था। क्योंकि सभी अपने कर्तव्य का पालन करते थे। इससे न दंड देने की जरूरत होती थी और न ही दंड लेने की।

हम होंगे कामयाब ... से हुई शुरुआत

पुलिस की पाठशाला की शुरूआत में विद्यार्थियों ने हम होंगे कामयाब गीत गाकर की। 11वीं के छात्र ने गीत गाया निर्माणों के युग में चरित्र निर्माण न भूलें। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित और डीआईजी लव कुमार ने मां सरस्वती, भारत माता और सरदार बल्लभ भाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन किया।

इस दौरान मुख्य अतिथि और कुलपति का स्वागत किया गया। चीफ प्रोक्टर प्रो मनोज कुमार श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। पाठशाला का संचालन शिक्षिका जय चतुर्वेदी ने किया। यूनिवर्सिटी मॉडल स्कूल की प्रधानाचार्य अमिता शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
विज्ञापन

सिंघम जैसे भी होते हैं पुलिसवाले

पुलिस की पाठशाला में डीआईजी लव कुमार, छात्रों से बात करते हुए। - फोटो : अमर उजाला
विद्यार्थियों के सवालों के जवाब देते हुए डीआईजी ने कहा कि फिल्मों में खराब पुलिसकर्मी दिखाए जाते हैं लेकिन सिंघम फिल्म की तरह अच्छे पुलिसकर्मियों की भी कमी नहीं है। एक छात्रा के सवाल पर कहा कि पुलिस बदमाशों को मौके पर तभी पकड़ पाती है, जब समय पर सूचना मिल जाती है। कई बार पुलिस मौजूद भी होती है, लेकिन सूचना नहीं होने की वजह से बदमाश भागने में सफल हो जाते हैं।

11वीं के छात्र दीपक ने सवाल किया कि वह आईएएस और पीसीएस की तैयारी के लिए क्या करें। इस पर डीआईजी ने कहा कि सपने जरूर देखने चाहिए, पर सपना वही देखें जो आपको रात में सोने न दें। इसलिए अपना लक्ष्य तय करें। लक्ष्य तय करने पर बाधाएं आती हैं, लेकिन सफलता जरूर मिलती है।

सवाल करने वाले विद्यार्थियों में उपदेश, प्रीति यादव, शिवम यादव, स्वाती शुक्ला, अमीषा आजाद, कार्तिकेय शर्मा आदि रहे। कार्तिकेय ने अमृतसर हादसे पर सवाल किया। डीआईजी ने कहा कि सबकी अपनी-अपनी जिम्मेदारी होती है। उसे समझना चाहिए। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें