विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित ने कहा कि हम अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों का पालन करें। प्राचीन काल की बात करते हुए कहा कि अपने यहां न कोई राजा था, न कोई राज्य था। न कोई दंड देने वाला था और न ही कोई दंड लेने वाला था। क्योंकि सभी अपने कर्तव्य का पालन करते थे। इससे न दंड देने की जरूरत होती थी और न ही दंड लेने की।
हम होंगे कामयाब ... से हुई शुरुआत
पुलिस की पाठशाला की शुरूआत में विद्यार्थियों ने हम होंगे कामयाब गीत गाकर की। 11वीं के छात्र ने गीत गाया निर्माणों के युग में चरित्र निर्माण न भूलें। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित और डीआईजी लव कुमार ने मां सरस्वती, भारत माता और सरदार बल्लभ भाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन किया।
इस दौरान मुख्य अतिथि और कुलपति का स्वागत किया गया। चीफ प्रोक्टर प्रो मनोज कुमार श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। पाठशाला का संचालन शिक्षिका जय चतुर्वेदी ने किया। यूनिवर्सिटी मॉडल स्कूल की प्रधानाचार्य अमिता शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
पुलिस की पाठशाला में डीआईजी लव कुमार, छात्रों से बात करते हुए।
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विद्यार्थियों के सवालों के जवाब देते हुए डीआईजी ने कहा कि फिल्मों में खराब पुलिसकर्मी दिखाए जाते हैं लेकिन सिंघम फिल्म की तरह अच्छे पुलिसकर्मियों की भी कमी नहीं है। एक छात्रा के सवाल पर कहा कि पुलिस बदमाशों को मौके पर तभी पकड़ पाती है, जब समय पर सूचना मिल जाती है। कई बार पुलिस मौजूद भी होती है, लेकिन सूचना नहीं होने की वजह से बदमाश भागने में सफल हो जाते हैं।
11वीं के छात्र दीपक ने सवाल किया कि वह आईएएस और पीसीएस की तैयारी के लिए क्या करें। इस पर डीआईजी ने कहा कि सपने जरूर देखने चाहिए, पर सपना वही देखें जो आपको रात में सोने न दें। इसलिए अपना लक्ष्य तय करें। लक्ष्य तय करने पर बाधाएं आती हैं, लेकिन सफलता जरूर मिलती है।
सवाल करने वाले विद्यार्थियों में उपदेश, प्रीति यादव, शिवम यादव, स्वाती शुक्ला, अमीषा आजाद, कार्तिकेय शर्मा आदि रहे। कार्तिकेय ने अमृतसर हादसे पर सवाल किया। डीआईजी ने कहा कि सबकी अपनी-अपनी जिम्मेदारी होती है। उसे समझना चाहिए।