आगरा में पांच साल से अधूरा पड़ा इनर रिंग रोड का डायमंड सर्किल 769 करोड़ रुपये से बनेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को तीसरे चरण में 7.77 किमी. लंबी फोरलेन सड़क निर्माण की मंजूरी मिल गई है। मार्च 2024 तक डायमंड सर्किल पूरा करना है। इसके बनने से भारी वाहनों को शहर में होकर गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
आगरा विकास प्राधिकरण ने 2016 में इनर रिंग रोड प्रोजेक्ट बनाया था। तीन चरणों में 21 किमी. सड़क बनाकर एनएच-19, ग्वालियर हाईवे और उत्तरी बाईपास को जोड़कर डायमंड सर्किल बनना है। इससे 70 फीसदी डायमंड सर्किल पूरा हो जाएगा। इनर रिंग रोड के दो चरण पूरे हो चुके हैं। तीसरे चरण के लिए एनएचएआई को शासन से मंजूरी मिल गई है। डायमंड सर्किल में देवरी गांव से बाद गांव तक 7.77 किमी. लंबी फोरलेन सड़क बनेगी। इसके बाद आगरा-दिल्ली हाईवे से कुबेरपुर होते हुए भारी वाहन ग्वालियर हाईवे, उत्तरी बाईपास से मिल जाएंगे।
एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक संजय वर्मा ने बताया कि सबसे पहले 56 हेक्टेयर भूमि अर्जन की प्रक्रिया शुरू होगी। अगले छह महीने में यह पूरा हो जाएगा। मार्च 2024 तक डायमंड सर्किल बन जाएगा। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे इस डायमंड सर्किल से शहर को वाहनों के दबाब से मुक्ति मिलेगी। इनर रिंग रोड आगरा-लखनऊ व यमुना एक्सप्रेसवे से लिंक है। फतेहाबाद रोड पर रमाडा के पास इनर रिंग रोड का पुल बनेगा।
18 महीने में तैयार होगी सड़क
देवरी गांव से बाद तक 7.77 किमी. लंबी फोरलेन सड़क 18 महीने में एनएचएआई तैयार करेगा। मार्च 2024 तक इसे पूर्ण करना है। उससे पहले प्रशासन के सहयोग से जमीन अधिगृहीत की जाएगी।
औद्योगिक क्लस्टर भी बनेगा
इनर रिंग रोड के किनारे औद्योगिक कलस्टर भी प्रस्तावित है। यहां विभिन्न कंपनियां एक छत के नीचे उद्योग लगा सकेंगी। इसके अलावा पास ही आगरा विकास प्राधिकरण ने मास्टर प्लान 2031 में ग्रेटर आगरा बसाने की योजना बनाई है।