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आगरा उटंगन हादसा: ग्रामीणों ने मिट्टी से बनाया जो बांध, वो प्रशासन की लापरवाही की वजह से बह गया

Mon, 06 Oct 2025 08:55 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

उटंगन नदी में अभी भी डूबे हुए छह लोगों की तलाश जारी है। सर्च ऑपरेशन में आसानी हो, इसके लिए ग्रामीणों की मदद से बांध बनाया गया, लेकिन अचानक ही  पार्वती बांध से  2107 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया, जिससे अस्थायी बांध बह गया। 
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बह गया बांध - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के खेरागढ़ में तलाशी अभियान के लिए उटंगन नदी में बांध बनाकर पानी रोकने की कवायद में लगे ग्रामीणों की मेहनत पर जिला प्रशासन की एक लापरवाही ने पानी फेर दिया। धाैलपुर के जिला प्रशासन से शनिवार को कोई समन्वय नहीं किया गया। इस वजह से पार्वती बांध से 2107 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। कुछ घंटों में नदी का जलस्तर दो से तीन फीट तक बढ़ गया। इससे नदी पर बनाया बांध डूब गया। पानी में मिट्टी से भर कट्टे बह गए। दूसरी तरफ टीले बनाकर लगाई जा रही मिट्टी भी बह गई।
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राजस्थान के धौलपुर जिले के आंगई गांव में स्थित पार्वती बांध से शनिवार दोपहर 12 बजे दो गेट खोले गए थे। इसके पीछे कारण दो दिन से राजस्थान के कई इलाकों में बारिश थी। जलस्तर वर्तमान में भराव क्षमता 223.41 मीटर पर पहुंच गया था। धाैलपुर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि पार्वती बांध के दो गेटों को दो-दो फीट तक खोला गया था। इससे उटंगन नदी का जलस्तर बढ़ गया।
 

दो अक्तूबर को खेरागढ़ के कुसियापुर के 13 युवक उटंगन में मूर्ति विसर्जन के दाैरान डूब गए थे। एक युवक को बचा लिया गया। पांच के शव दो दिन में निकाल लिए गए थे। सात लोगों की तलाश की जा रही थी। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ सेना के जवानों ने तलाशी अभियान चलाया था। काफी तलाश के बाद भी डूबे हुए लोगों के नहीं मिलने पर 400 ग्रामीणों की मदद से नदी पर बांध बनाया गया। पानी की धारा को एक तरफ से नाला बनाकर बदला गया। बांध की मदद से पानी रुक रहा था। दूसरी तरफ भी मिट्टी भी डाली जा रही थी, जिससे बैरिकेडिंग कर पानी को लाैटने से रोका जा सके।
 

धाैलपुर से छोड़े गए पानी की जानकारी जिला प्रशासन को नहीं थी। इस संबंध में पहले से कोई समन्वय नहीं किया गया। इस वजह से पानी का जलस्तर कम होेने के बजाय रात 12 बजे के बाद बढ़ गया। वहीं 400 ग्रामीणों व 100 जवानों की मेहनत पर भी पानी फिर गया।
 
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उधर, धाैलपुर सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता पपेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि पार्वती बांध में शुक्रवार की शाम से लगातार पानी बढ़ रहा था। ऐसे में जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों को मामले की जानकारी देते हुए बांध के गेट खोलने की स्वीकृति ली थी। शनिवार दोपहर 12 बजे दो गेट खोलकर 2107.06 क्यूसेक पानी की निकासी के बाद रविवार रात एक बजे दो गेटों को बंद करवा दिया था। खेरागढ़ प्रशासन ने शनिवार को पानी रोकने के लिए कोई संपर्क नहीं किया था। मजबूरन बांध में जलस्तर बढ़ने पर दो गेट खोले गए।
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