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उटंगन नदी हादसा: चार दिन बाद मिला करन का शव, मां की चीखें...बेसुध हुई पत्नी; रो पड़ा पूरा गांव

Mon, 06 Oct 2025 08:28 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

बेटे के आने की उम्मीद लगाए बैठी मां की आंखें पथरा गईं, जब करन का शव मिलने की जानकारी मिली, तो वो चीख पड़ें। वहीं करन की पत्नी बेसुध हो गई। 
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उटंगन हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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उटंगन नदी में हुए हृदय विदारक हादसे के चाैथे दिन लापता 7 लोगों में से करन (21) पुत्र रनवीर का शव मिल गया। चार दिन से नदी में लापता हुए बेटे के गम में माता-पिता और पत्नी सहित अन्य परिजन के आंसू सूख गए। रविवार शाम को करन का शव मिलने की जानकारी पर परिवार में चीख-पुकार मच गई। उधर, पुलिस ने घटनास्थल से युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उटंगन नदी में हुई इस त्रासदी ने कई घरों के दीपक हमेशा के लिए बुझा दिए हैं जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
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पत्नी बेहाल, मां की आंखें पथरा गईं
घर में करन का शव मिलने की खबर पहुंचते ही कोहराम मच गया। चार दिनों से बेटे के सही-सलामत लौटने की आस लगाए बैठी मां सामंती देवी सदमे से सन्न रह गईं। उनकी आंखें पथरा गईं और वह बेसुध होकर बैठ गईं। वह सिर्फ बेटे का नाम पुकारती रहीं। वहीं, करन की पत्नी सपना का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार बेहोश हो रही थीं, उनका विलाप सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। पूरा घर गहरे गम में डूबा हुआ था। वहीं करन के पिता भी बेटे की माैत से सदमे में हैं।


 

मासूम को नहीं है पिता के जाने का एहसास
इस दुखद माहौल में सबसे मार्मिक दृश्य करन के डेढ़ वर्षीय बेटे विनय का था। मासूम विनय बार-बार अपने पिता को ढूंढता रहा और मासूमियत भरी निगाहों से दरवाजे की ओर देखता रहा। उसे अभी तक यह एहसास नहीं है कि उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है।

 
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करन का शव मिलते ही घर में मचा कोहराम
 उटंगन नदी हादसे में लापता करन (21) पुत्र रनवीर का शव रविवार शाम सेना के जवानों ने नदी में बने गड्ढों की गहराई से कम्प्रेसर मशीन की मदद से बाहर निकाल लिया। करन के घर में मातम छाया हुआ है। उसकी मां सामन्ति देवी सुदबुद खो बैठी है, बेटे के आने के इंतजार में पथराई निगाहों से घर के बाहर गली में टकटकी लगाए हुए हैं। रो-रो कर बार-बार बेहोश होती करन की पत्नी सपना का बुरा हाल है। सपना को होश आने पर रुक-रुक कर सिसकियां भर रही है, उसकी आंखों से अब आंसू भी सूख चुके हैं। घर में रिश्तेदार व पड़ोसी महिलाएं करन की मां, पत्नी और बहन को ढांढस बंधा रही हैं। करन का डेढ़ वर्षीय बेटा विनय मासूमियत से अपने पिता को घर में ढूंढ रहा है, उसे एहसास नहीं कि उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है।
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