कासगंज। कोरोना संकट के कारण बेपटरी हुआ बाजार धनतेरस के मौके पर गुलजार हो उठा। लोगों ने धनतेरस के मौके पर दिल खोलकर खरीदारी की। सुबह से लेकर देर रात तक बाजार में चहल-पहल बनी रही। लोगों ने धनतेरस के साथ ही दीपावली पर्व के हिसाब से भी सामनों की खरीदारी की। जिससे पर्व पर बाजार में जमकर धन की बरसा हुई। लगभग 21 करोड़ के कारोबार का अनुमान है।
पर्व की खरीदारी को लेकर लोग सुबह से ही बाजारों में निकल पड़े। व्यापारियों के चेहरे एवं हर घर में दीपोत्सव पर्व की धूम दिखाई दी। शहर से लेकर कस्बाई क्षेत्रों तक महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों की भीड़ से बाजार गुलजार रहे। लोगों ने बर्तन, आभूषण, वाहन, मोबाइल आदि की दुकानों पर खरीदारी की।
इसके अलावा रेडीमेड कपड़े, जूते, बर्तन, खील, खिलौने सहित अन्य सामान की खरीदारी की। पर्व पर घरों को आकर्षक ढंग से सजाने के लिए लोग सजावट के सामान विक्रेताओं की दुकानों पर जा पहुंचे। इन दुकानों से लोगों ने बंधनवार, कलेंडर पोस्टर, झालरें आदि खरीदे।
दीपक जलाने का बरकरार है उत्साह
कासगंज। दीपोत्सव पर्व पर दीपक जलाने का उत्साह लोगों में बरकरार है। पर्व को देखते हुए कुम्हारों ने बाजार में जगह जगह मिट्टी के दियों के फड़ सजाए हैं। इन फड़ों पर लोगों के द्वारा खरीदारी भी शुरु कर दी गई है। दीपक 60 रुपये से 80 रुपये प्रति सैकड़ा के भाव बिके। जबकि रंगीन दीपक 2 रुपये नग से लेकर 50 रुपये नग तक अलग-अलग साइज के हिसाब से बिके। इसके अलावा झाड़ू को लक्ष्मी का रूप माना जाता है। इसलिए लोगों के द्वारा झाडू़ खरीदने को प्राथमिकता दी गई। 20 रुपये से लेकर 50 रुपये तक की कीमत में झाडू़ की बिक्री हुई।
चांदी के सिक्के गिन्नी की हुई खरीद
कासगंज। धनतेरस पर्व पर सराफा बाजार में चमक देखी गई। लोगों ने बाजार से सोने की गिन्नी, चांदी के सिक्के, नोट, डालर, मूर्तियां, बर्तन आदि की खरीदारी की, जिससे सराफा कारोबारियों की दुकानों पर भीड़ रही। 4 करोड़ रुपये तक के कारोबार का अनुमान है।
मोबाइल कारोबार में मचा रहा धमाल
कासगंज। युवाओं के बीच मोवाइल खरीदने को लेकर भ्ीा खासा उत्साह देखा गया। युवाओं ने कीमती से कीमती सेट तक बाजार से खरीदे। कारेाबारियों की दुकानों पर युवाओं का हुजूम लगा रहा। युवाओं ने बाजर से स्मार्ट फोन खरीदने को प्राथमिकता दी। दो करोड़ तक का मोवाइल कारोबार पहुंच गया। कारोबारियों ने अपनी दुकानों पर अतरिक्त व्यवस्थाएं कर रखी थीं। इसके बाद भी उनके हाथ खाली नहीं थे।