धनतेरस पर इस बार आयुष्मान और प्रीति योग बन रहे हैं। नक्षत्र चित्रा रहेगा और चंद्रमा तुला राशि के होंगे। इस शुभ संयोग में सोना, चांदी और पीतल की वस्तुओं की खरीदारी विशेष फलदायी होगी। बर्तन, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान की खरीदारी भी शुभ रहेगी। ज्योतिषाचार्यो का कहना है कि त्रियोदशी तिथि गुरुवार और शुक्रवार दो दिन रहेगी। धनतेरस का पर्व शुक्रवार को मनाना श्रेयष्कर रहेगा।
ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर गुरुवार की सुबह 9:30 बजे से शुक्रवार को शाम 5:40 बजे तक त्रयोदशी तिथि रहेगी। आयुष्मान योग में आयुर्वेद के अधिष्ठाता भगवान धनवंतरी का पूजन लंबी आयु और आरोग्यता प्रदान करेगा। ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि शुक्रवार को सुबह 10:30 तक, दोपहर में 12:00 से 2:50 तक और शाम को 4:20 से 5:57 तक खरीदारी के लिए शुभ योग रहेंगे।
धन की देवी महालक्ष्मी का धनतेरस से अटूट संबंध है। धनतेरस पर सायंकाल में दरवाजे पर दीपक जलाया जाता है। मान्यता है कि इससे यमराज प्रसन्न होते हैं और लंबी आयु का वरदान देते हैं। इस पर्व धनवतंरी जयंती के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन धनवंतरी देव औषधियों से भरा अमृत कलश लेकर समुद्र मंथन से प्रकट हुए थे।
एक से 100 ग्राम के सिक्कों की मांग रहती है अधिक
इस धनतेरस पर शगुन के लिए अनुमानित 150 करोड़ रुपये के सोने चांदी के सिक्के खनकने की उम्मीद है। आभूषण के शोरूम पर बड़ी संख्या में सिक्कों का स्टॉक करना शुरू कर दिया है। कारोबारियों का मानना है कि इस बार त्योहार बेहतरीन जाने की उम्मीद है। कारण लॉकडाउन के चलते अक्षय तृतीया जैसे शुभ मौके पर लोग खरीदारी से वंचित रह गए थे। उसकी कसर धनतेरस पर निकलने की उम्मीद है। इस दिन एक से 100 ग्राम सिक्कों की मांग अधिक रहती है।
13 नवंबर को धनतेरस है। इस शुभ मौके पर नया सामान खरीदना अच्छा माना जाता है। कारोबारियों का कहना है कि पूजा के लिए सबसे ज्यादा सोने व चांदी के सिक्के लिए जाते हैं। शहर भर की दुकानों पर देर रात तक ग्राहकों का आवागमन बना रहता है।
विक्टोरिया पर भारी लक्ष्मी-गणेश
बाजार में सिक्कों की भरमार है। जिसमें लक्ष्मी गणेश और विक्टोरिया के छवि वाले सिक्के आते हैं। इसमें सबसे अधिक लक्ष्मी गणेश के सिक्कों की मांग 90 फीसदी रहती है। विक्टोरिया के सिक्कों में मिलावट होने के कारण मांग घट गई है।
गर्म करने पर नकली सिक्का पड़ जाएगा काला
धनतेरस पर कई दुकानदार मुनाफे के लालच में खोटे सिक्के भी खपा देते हैं। श्री सराफा कमेटी के पूर्व अध्यक्ष आनंद अग्रवाल के मुताबिक आगरा के अलावा मथुरा, दिल्ली आदि शहरों से बड़ी संख्या में मिलावटी सिक्के आते हैं। सोने में कॉपर और चांदी जबकि चांदी के सिक्कों में गिलेट की मिलावट होती है। इनकी पहचान को हॉल मार्क के सेंटर पर जांच करा लें या तेज आंच गर्म करें लें। नकली होगा तो सिक्का काला पड़ जाएगा।
ये है कीमत
- एक से 100 ग्राम सोने का सिक्का- 5.5 हजार से 6 लाख रुपये।
- 5 से 9 ग्राम चांदी का सिक्का- 450 रुपये से 9 हजार रुपये तक।
धनतेरस पर 150 करोड़ के सिक्के बिकने का अनुमान है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष से 10 करोड़ अधिक है। लक्ष्मी गणेश के सिक्कों की मांग अधिक रहती है। - राजू मेहरा, अध्यक्ष सराफा स्वर्णकार एसोसिएशन नमक मंडी
बाजार में एक ग्राम से लेकर 100 ग्राम तक के सिक्के आते हैं। जिनकी कीमत 450 रुपये से लेकर छह लाख रुपये तक है। 450 से नौ हजार तक के सिक्के अधिक पसंद किए जाते हैं। - अनुराग बंसल, कारोबारी