एक जुलाई 2016...दिन शुक्रवार। यह तारीख फिरोजाबाद के लोगों को आज भी याद है, क्योंकि इस दिन सुहागनगरी में माहौल गमगीन था। दहशतगर्दों ने मजहब का फर्क कर शहर की बेटी तारिषी जैन को ढाका के एक रेस्टोरेंट में मौत के घाट उतार दिया था।
तारिषी की मौत के बाद सुहागनगरी और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में घटना की निंदा की गई थी। कैंडल मार्च निकाल श्रद्धाजंलि दी गईं। बेटी को खोने का गम आज भी परिवार के सदस्यों की आंखों में झलकता है।
बर्कले यूनिवर्सिटी, कैलिफोर्निया की छात्रा तारिषी मेधावियों में अपना स्थान रखती थी। इसलिए आज भी वहां के लोग याद रखते हैं। यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ई-मेल से तारिषी के परिवारिजनों के संपर्क करते रहते हैं।