देवशयनी एकादशी 12 जुलाई को मनाई जाएगी। इस दिन से भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाएंगे। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इसके बाद चार महीने तक कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। देवोत्थान एकादशी के बाद से ही मांगलिक कार्य शुरू हो सकेंगे।
मथुरा के ज्योतिषाचार्य श्याम चतुर्वेदी के अनुसार पुराणों में बताया गया है कि देवशयनी एकादशी से लेकर अगले चार महीने के लिए भगवान देवप्रबोधनी तक निद्रा में चले जाते हैं। हिंदू धर्म में देव सो जाने की वजह से कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है।
ज्योतिषाचार्य का कहना है कि वामन पुराण में बताया गया है कि असुरों के राजा बलि ने अपने पराक्रम से तीनों लोकों पर अधिकार कर लिया था। राजा बलि के आधिपत्य को देखकर इंद्र देवता घबराकर भगवान विष्णु के पास मदद मांगने पहुंचे।