कान्हा की नगरी मथुरा के चारों कोनों पर चार शिव मंदिर हैं। पूर्व में पिघलेश्वर, पश्चिम में भूतेश्वर, दक्षिण में रंगेश्वर महादेव और उत्तर में गोकर्णेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर स्थापित हैं। गोकर्णेश्वर महादेव मंदिर को कृष्ण कालीन बताया जाता है।
इस मंदिर में विराजमान भगवान शिव की मूर्ति साक्षात महाकाल का रूप बताई जाती है। ये मंदिर एक टीले पर बना है। जिसे गोकर्णेश्वर अथवा कैलाश कहते हैं। गोकर्ण महादेव का जिक्रभगवत गीता में भी मिलता है।
चारों दिशाओं में स्थित होने के कारण भगवान शिव को मथुरा का कोतवाल कहते हैं। गोकर्णेश्वर महादेव मंदिर में जो व्यक्ति लगातार 40 दिन भगवान को शिव स्त्रोत का पाठ और गन्ने के रस से अभिषेक करता है। उसके सभी कष्ट दूर होते हैं।