देवकीनंदन ने कहा कि सबसे पहले ध्यान मध्यप्रदेश पर है। जहां नवंबर में चुनाव है। सरकार के पास एक महीने का वक्त रह गया है। यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती हैं तो वो राजनीतिक पार्टी बनाएंगे। अगर उनकी मांगें मान ली गईं तो कथा ही करेंगे।
उन्होंने कहा कि 20-22 दिन में वो स्वदेश वापस आ रहे हैं। यहां आकर इसको आगे बढ़ाऊंगा। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोगों ने कहा है कि पार्टी बनाइए। चुनाव लड़िए, लेकिन मैं लोगों की कुछ बात मानूंगा तो कुछ नहीं।
देवकीनंदन ने एलान किया कि वो चुनाव नहीं लड़ेंगे। जब तक उनका शरीर रहेगा, वो भागवत कथा ही करेंगे। लेकिन राजनीतिक पार्टी जरूर बनाएंगे। उनके संगठन के लोग चुनाव मैदान में उतरेंगे। सबसे पहले उनका निशाना मध्यप्रदेश चुनाव पर है।
उन्होंने कहा कि आप लोगों की सलाह के अनुसार अखंड भारत मिशन सबको साथ में लाएगा। संगठन के लोग 2019 में भी चुनाव लड़ेंगे। ईमानदार उम्मीदवारों के लिए एक फॉर्म तैयार किया जाएगा और वो ही चुनाव लड़ सकेंगे।