भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई ) पर लगा प्रतिबंध हटने के बाद देशभर की दिव्यांग खेल प्रतिभाएं आसमान छूने की तैयारी में हैं। अब तक जिन 20 भारतीय खिलाड़ियों ने रियो के लिए क्वालिफाई किया है उनमें आगरा का लाल देवेंद्र भी शामिल है। इनमें से 15 सदस्यों की टीम का चुनाव होना है। व्हीलचेयर फेंसिंग (तलवारबाजी) में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष वरीयता प्राप्त और अंतर्राष्ट्रीय स्तर 28वीं रैंक प्राप्त देवेंद्र का दावा काफी मजबूत माना जा रहा है।
आगरा के किरावली तहसील के गांव सांधन निवासी देवेंद्र कुमार ने 14 मई 2016 को हांगकांग में आयोजित एशियन व्हीलचेयर फेंसिंग चैंपियनशिप में भारत का नेतृत्व किया था। यहां उन्होंने चौथी रैंक पाई। बीते साल कनाडा में हुई वर्ल्ड व्हीलचेयर फेंसिंग चैंपियनशिप में वे 44वें स्थान पर रहे। देवेंद्र व्हीलचेयर फेंसिंग में राष्ट्रीय स्तर पर अब तक तीन स्वर्ण और चार रजत पदक जीत चुके हैं। वर्तमान में दिव्यांग खिलाड़ियों की बी कैटेगरी में उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष वरीयता प्राप्त है। अमर उजाला से बातचीत में देवेंद्र ने बताया कि रियो ओलंपिक के लिए शेष 15 खिलाड़ियों का चयन उनकी रैंकिंग के आधार पर किया जाना है।
बता दें कि बीती 31 मई को अंतर्राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (आईपीसी) ने पीसीआई पर लगाए प्रतिबंध को रियो ओलंपिक तक अस्थायी तौर पर हटा लिया है। आईपीसी ने यह प्रतिबंध बीते साल पीसीआई में आपसी गुटबाजी को देखते हुए लगाया था। आईपीसी के अनुसार खिलाड़ियों का भविष्य देखते हुए यह प्रतिबंध हटाया है। यदि पीसीआई में सुधार नहीं हुआ तो प्रतिबंध दोबारा लगा दिया जाएगा।
खुद के दम पर पेश की मिसाल
सेवानिवृत्त अध्यापक भगवान सिंह और विमला देवी के बेटे देवेंद्र ने कनाडा से लेकर हांगकांग तक सारे मुकाम अपने हौसले के दम पर तय किए हैं। बतौर देवेंद्र इस खेल में उपकरणों का खर्च लाखों में है। इसके अलावा प्रतियोगिताओं का खर्च भी वहन करना पड़ता है। कई बार उन्होंने आर्थिक सहायता के लिए प्रशासन के जरिए राज्य सरकार से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई मदद नहीं दी गई। स्वयं के खर्च पर ही देश और राज्य का नाम विदेशों तक रोशन किया।
प्रशासन माना, सरकार कर रही अनसुना
वर्ल्ड चैंपियनशिप में प्रतिभाग से पहले बीते साल देवेंद्र ने तहसील प्रशासन के जरिए मुख्यमंत्री से आर्थिक मदद की गुहार लगाई थी। इस पर एसडीएम किरावली ने भी अपनी रिपोर्ट में आर्थिक मदद जरूरी बताते हुए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मदद की संस्तुति की थी। इसके बाद भी आज तक उन्हें मदद प्राप्त नहीं हुई है। देवेंद्र के अनुसार इस मामले में उन्होंने प्रदेश के युवा एवं खेल मामलों के राज्य मंत्री रामसकल गुर्जर से भी मुलाकात करनी चाही लेकिन हर बार गेट से लौटा दिया गया।
मुझे देवेंद्र का रियो के लिए चयन होने की पूरी उम्मीद है। वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। मेरा मानना है यदि राज्य सरकार संसाधन जुटाने में मदद करे तो देवेंद्र निश्चित रूप से रियो में मेडल जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकेंगे।
- कन्हैया गुर्जर
देवेंद्र के कोच और सचिव, यूपी व्हीलचेयर फेंसिंग एसोसिएशन
अगर देवेंद्र रियो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई भी करते हैं तो वह जीते या नहीं जीतें, प्रदेश सरकार दस लाख रूपये की मदद देगी। हो सकता है देवेंद्र मुझसे मिलने आए हों लेकिन मुझे इसकी जानकारी नहीं है। दो दिन आगरा में हूं। मुझसे मिल सकते हैं। नियमानुसार जो भी मदद होगी वह की जाएगी।
- रामसकल गुर्जर
राज्यमंत्री, युवा कल्याण एवं खेल, उत्तर प्रदेश