आगरा में नशे के लिए दवाओं की कालाबाजारी करने वाला सरगना देवेंद्र आहूजा उर्फ चिंटू 110 रुपये की कीमत के कफ सिरप को 940 रुपये में बेचता था। बिहार और बांग्लादेश में शराबबंदी के चलते इसके मनमाफिक दाम मिलते थे। पश्चिम बंगाल की एसओजी की जांच में ये जानकारी मिली है।
कोतवाली थाना पुलिस ने बताया कि पश्चिम बंगाल की एसओजी टीम ने चिंटू को पकड़कर थाने में पूछताछ की थी। इसमें पता चला कि कोडीन युक्त कफ सिरप को बिहार और बांग्लादेश में मनमानी कीमत में बेचता है। बिहार में 400 से 450 रुपये और बांग्लादेश में 900 से 940 रुपये में कालाबाजारी करता है।
हाईप्रोफाइल पार्टियों में होता था इस्तेमाल
शराबबंदी के कारण मांग अधिक होने के चलते इन दोनों जगह कालाबाजारी का 70 फीसदी कफ सिरप खपाता है। कालाबाजारी से मिली धनराशि 50 से 55 फीसदी चिंटू की होती थी और बाकी का हिस्सा हॉकर, एजेंट और अन्य में बंटता था। पूछताछ में ये भी पता चला कि बांग्लादेश और बिहार में हाईप्रोफाइल पार्टियों में कोडीन युक्त सिरप नशे के लिए उपयोग होता है।